देहरादून- जम्मू-कश्मीर में हिजबुल मुजाहिद्दीन का आतंकी बना 22 साल का शोएब अहमद लोन देहरादून के प्रेमनगर थाना क्षेत्र स्थित एक इंस्टीट्यूट में बीएससी आइटी तृतीय वर्ष का छात्र था। वह जनवरी में परीक्षा देने के बाद घर गया, तो लौटकर नहीं आया। दून में यह पहला मामला नहीं है जब किसी कश्मीरी छात्र का नाम आतंकी संगठन से जोड़ा गया है। पिछले साल दानिश नाम के एक छात्र के हिजबुल से जुड़ने की बात सामने आई थी। दून से छुट्टी लेकर निकला शोएब अहमद लोन घर की बजाय सीधे आतंकी संगठन हिजबुल में शामिल हो गया। इसका पता परिजनों को उस वक्त लगा जब शोएब की फोटो उसके करीबियों ने हिजबुल मुजाहिद्दीन के फेसबुक पेज पर देखी। शोएब की मां को पता लगा तो वह डर गई और अब बेटे से लौटने की गुहार लगा रही है।
जम्मू-कश्मरी के श्रीनगर से करीब 65 किमी दूर बुमराट निवासी शोएब के पिता की मौत उसके जन्म से छह महीने पहले ही हो गई थी। इसके बाद से शोएब और उसकी बड़ी बहन की देखभाल मां मुनारी कर रही थी। वह सेब का कारोबार करती हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, 12वीं तक पढ़ाई में अच्छे अंक पाकर शोएब ने परिजनों से इंजीनियर बनने की इच्छा जताई। इसके बाद उसे इंजीनियरिंग के लिए दून भेज दिया गया। मगर, परिजनों को जरा भी विश्वास नहीं था कि दून जाकर भी वह आतंकी संगठनों के संपर्क में आ जाएगा। मां उम्मीद करती थी कि वह जल्द इंजीनियर बन घर को संभालेगा। मगर, बेटे के आतंकी संगठन में जाने का पता लगते ही पूरा परिवार सदमे में है। शोएब की मां ने बेटे की फोटो हिजबुल के फेसबुक पेज पर देखी तो कई बार बेटे से संपर्क की कोशिश की। संपर्क नहीं होने पर उन्हें बेटे के आतंकी संगठन में चले जाने का अहसास हुआ। शोएब अहमद वर्ष 2016 में बीएससी आईटी करने के लिए दून आया। ढाई वर्ष पढ़ाई के दौरान ही वह आतंकी संगठन के संपर्क में आया और अचानक घर पहुंचकर गायब हो गया।शोएब दून से दोस्त की शादी में शामिल होने की बात कहकर निकला। चंडीगढ़ से फ्लाइट के जरिये श्रीनगर पहुंचा। मगरए यहां से वह न तो घर गया और न ही दोस्त की शादी में शरीक हुआ।जानकारी के अनुसारए शोएब सर्टिफाइड एथिकल हैकर है। वह ऑनलाइन हैकिंग में हिजबुल संगठन की बड़ी मदद कर सकता है। वही, पुलिस ने कश्मीर के साथ ही सेलाकुई में उसके परिचित छात्रों से उसकी जानकारी के लिए सवाल करने शुरू कर दिए हैं।


