
देहरादून । उच्च न्यायालय नैनीताल द्वारा तकनीकी आधार पर याचिका खारिज करने के बाद भी याचिकाकर्ता रघुनाथ सिंह नेगी प्रदेश के मुख्यमंत्री को बख्शने के मूड में नहीं है, इसके पीछे केवल राजनीतिक कारण है। गढ़वाल मंडल के पूर्व अध्यक्ष रहे रघुनाथ सिंह नेगी ने राजनीतिक लाभ लेने के लिए यह याचिक दायर की थी, इस उच्च न्यायालय ने भी माना है। इसके बावजूद रघुनाथ सिंह नेगी का कहना है कि वह इस मामले में मुख्यमंत्री को नहीं बख्शेंगे। ईसी रोड स्थिति एक होटल में सोमवार को नेगी ने कहा कि मुख्यमन्त्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने वर्ष 2010 में कृषि मन्त्री रहते हुए 9680 कुंटल ढैंचा बीज की मांग के सापेक्ष 15000 कुंटल ढैंचा बीज की ऽरीद हेतु आदेश पारित किये तथा कई अन्य अनियमिततायें की।
तत्कालीन कृषि मन्त्री त्रिवेन्द्र रावत (वर्तमान मुख्यमन्त्री) द्वारा किये गये भ्रष्टाचार एवं मुख्यमन्त्री बनते ही मातहत अधिकारियों पर दबाव डालकर त्रिपाठी जॉंच आयोग की रिपोर्ट को ही पलटवा दिया गया था। एक्शन टेकन कमेटी की रिपोर्ट में क्लीन चिट दिये जाने सम्बन्धी रिपोर्ट को मा. न्यायालय में पेश करा दिया गया कि एक्शन टेकन रिपोर्ट में त्रिवेन्द्र रावत दोषी नहीं पाये गये हैं।



