देहरादून। पछुवादून क्षेत्र में कभी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इसका कारण अपनी उम्र पूरी कर चुके पुल तथा उनके ऊपर से गुजरते भारी वाहन है। भारी बरसात के बावजूद लालच के कारण खनन माफिया और उनके गुर्गे इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। सच कहें तो विकास नगर क्षेत्र में बेलगाम होते जा रहे हैं खनन माफिया और प्रशासन उनके आगे नतमस्तक बैठा तमाशा देख रहा है।
विकास नगर क्षेत्र खनन माफियाओं के लिए सुरक्षित अड्डा बना हुआ है यहां उनकी प्रशासन में अच्छी सांठगांठ है। डाकपत्थर से लेकर पौटा रोड तक नहर के ऊपर बने कई पुल, कई वर्ष पूर्व सिंचाई विभाग के इंजीनियरों की टीम जर्जर और कंडम बता चुकी है और भारी वाहनों के लिए रोक भी लगा चुकी है परंतु खनन माफिया इन क्षतिग्रस्त पुल के ऊपर से 10 चक्का 12 चक्का ओवरलोड खनन सामग्री से भरे वाहन बेखौफ दौड़ा रहे हैं और कोई प्रशासनिक अधिकारी या कर्मचारी इन्हें रोकने की कोशिश भी नहीं करता है, जिससे नदी किनारे बसे गांव वासियों में काफी रोष है उनका कहना है कि उन लोगों की कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है, ऐसे में वह जाएं तो जाएं कहां अगर पुल गिरने से कोई हादसा होता है तो उसके लिए कौन जिम्मेदार होगा सरकार या प्रशासन। ढकरानी ढालीपुर और नवाबगढ़ खनन का मुख्य केंद्र बना हुआ है। प्रशासन की सख्ती के बावजूद खनन माफियाओं के हौंसले इतने बुलंद है कि वे जर्जर पुलों की चिंता किए बिना लगातार भारी वाहन दौड़ा रहे हैं। जिससे कभी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है, जिसका परिणाम आम आदमी को भुगतना पड़ सकता है।
