
देहरादून। घोटालेबाज घोटाले का कोई भी मौका नहीं छोड़ना चाहते। अब प्रदेश की ग्राम पंचायतों में ब्याज घोटाला सामने आया है, जो सात करोड़ रुपये का बताया गया है। यह घोटाला ऑडिट रिपोर्ट में प्रकाश में आया। सूत्रों के अनुसार ग्राम पंचायतों को अच्छी खासी राशि दी गई थी लेकिन इस राशि का ब्याज धन तो लगभग सात करोड़ रुपये था जो ग्राम पंचायतों को नहीं बांटा गया।
सूत्रों की माने तो केंद्र सरकार की ओर से 14वें वित्त आयोग और प्रदेश सरकार राज्य वित्त आयोग से हर साल पंचायतों को विकास कार्यों के लिए करोड़ों का बजट जारी किया जाता है। हाल ही में वित्त विभाग की ओर से किए ऑडिट में पौड़ी गढ़वाल, चमोली, हरिद्वार, टिहरी, देहरादून, रुद्रप्रयाग, ऊधमसिंह नगर, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत, अल्मोड़ा सहित सूबे के सभी जिलों की पंचायतों में (2011-12 से 2015-16) पांच सालों के भीतर हुए कार्यों की पड़ताल हुई। इसमें 90 फीसदी पंचायतें घपलों में घिरी पाई गईं और करोड़ों का हेरफेर सामने आया।
ग्राम पंचायतों में सात करोड़ रुपये का ब्याज घोटाला चर्चा में
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