रक्षाबंधन के साथ ही सावन का महीना खत्म हो चुका है। हिन्दू पंचांग के अनुसार सावन के बाद भादो जिसे भाद्रपद महीना भी कहा जाता है शुरू हो रहा है। भाद्रपद चातुर्मास में आने वाला दूसरा महीना होता है। भादों महीना भगवान श्रीकृष्ण के जन्म लेने से संबंधित है। भगवान श्रीकृष्ण ने भादो के महीने में रोहिणी नक्षत्र के वृष लग्न में जन्म लिया था। भादों का माह भी, सावन की तरह ही पवित्र माना जाता है। पूरे भारत में जन्माष्टमी बड़ी धूमधाम से मनाई जाती है। आधी रात को कृष्ण का जन्म होता है।
भाद्र माह में कुछ विशेष पर्व भी आते है जिनका अपना अलग महत्त्व होता है। जिस प्रकार से सावन का महीना भगवान भोले शंकर की उपासना के लिए महत्व रखता है, उसी तरह भादो का महीना भगवान श्री कृष्ण की आराधना के लिए महत्व है। भगवान कृष्ण का जन्म भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि में हुआ था। इस बार अष्टमी 2 सितम्बर की रात 08.47 पर लगेगी और 3 सितंबर की शाम 07.20 पर खत्म हो जायेगी।
भादों महीने की कृष्ण अष्टमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के रूप में मनाया जाता है। इस बार यह त्योहार 2 और 3 सिंतबर दोनों दिन मनाया जाएगा। क्योंकि इस बार अष्टमी 2 सितम्बर की रात 08.47 पर लगेगी और 3 तारीख की शाम 07.20 पर खत्म हो जायेगी। लिहाजा अष्टमी की रात 2 सितम्बर को ही होगी।