देहरादून- देश में पहली बार जैव ईंधन से चलने वाला विमान देहरादून से उड़ान भरेगा। विमान का यह सफर देहरादून से दिल्ली तक होगा। इसके लिए विमान कंपनी स्पाइस जेट ने टर्बोपोर्प, क्यू 400 विमान तैयार किया है। देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत इसको हरी झंड़ी दिखाएंगे। आपकों बता दें कि अमेरिका और कनाडा जैसे देशों में कुछ कमर्शियल विमान पहले से जैव ईंधन से उड़ान भर रहे हैं। विकासशील देशों में भारत पहला ऐसा देश होगा, जहां विमान जैव ईंधन से उड़ान भरेगा। विमान पहले देहरादून एयरपोर्ट से उड़ान भरेगा, जिसके बाद लगभग 10 मिनट तक शहर के ऊपर चक्कर लगाएगा। अगर परीक्षण सफल रहा तो विमान फिर दिल्ली के लिए उड़ान भरेगा। इस उड़ान पर कुछ नियामक एजेंसियों की ऑन बोर्ड नजर रहेगी। परीक्षण के समय नागरिक विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए), नागरिक विमानन मंत्रालय और एयरलाइंस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद होंगे।
भारत तेल आयात पर अपनी निर्भरता कम करना चाहता है। इसीलिए जैव ईंधन को प्रचारित करने की मंशा है। 10 अगस्त 2018 को जैव ईंधन दिवस के मौके पर दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जैव ईंधन पर राष्ट्रीय नीति जारी की थी। इसमें आनेवाले चार सालों में एथेनॉल का उत्पादन तीन गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। अगर ऐसा होता है तो तेल आयात के खर्च में 12 हजार करोड़ रुपये तक बचाए जा सकते हैं। जैव ईंधन सब्जी के तेलों, रिसाइकल ग्रीस, काई, जानवरों के फैट आदि से बनता है। जीवाश्म ईंधन की जगह इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। दरअसल, एयरलाइंस इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (आइएटीए) नामक ग्लोबल एसोसिएशन ने लक्ष्य रखा है कि उनकी इंडस्ट्री से पैदा होने वाले कॉर्बन को 2050 तक 50 फीसद कम किया जाए। एक अनुमान के मुताबिक, जैव ईंधन के इस्तेमाल से एविएशन क्षेत्र में उत्सर्जित होने वाले कार्बन को 80 फीसद तक कम किया जा सकता है।