शैली श्रीवास्तव- आज दोपहर बाद चंद्र ग्रहण का सूतक काल शुरू हो जाएगा। तीसरे पहर 2 बजकर 54 मिनट से चंद्र ग्रहण का सूतक लग जाएगा। सूतक से पहले ही सभी मंदिर बंद हो जाएंगे। हरकी पौड़ी पर सायंकालीन आरती भी दिन में दो बजे होगी। चंद्र ग्रहण आषाढ़ पूर्णिमा की रात 11.54 बजे लगेगा और 28 जुलाई की सुबह 3 बजकर 49 मिनट पर हटेगा। ग्रहण की कुल अवधि 3 घंटे 55 मिनट रहेगी, जो अपने आप में कई दशकों के बाद हो रहा है। ज्योतिष के अनुसार दो बजे से पहले बंद हुए मंदिर 28 जुलाई की सुबह ही खुल पाएंगे, क्योंकि सूतक काल में मूर्ति स्पर्श नहीं की जाती, इसलिए मंदिरों को बंद किया जाता हैं। यह ग्रहण पूरे भारत में दिखाई देगा, और सभी राज्यों को प्रभावित करेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि इस ग्रहण के दौरान गर्भवती स्त्रिया अपनी गोद में पानी वाला नारियल लेकर बैठे और इस नारियल को अगले दिन नदी में प्रवाहित कर दें। इसके साथ-साथ ग्रहण के दौरान न ही भोजन बनाये न ही उसका सेवन करें।
मेष, वृष, कर्क, सिंह, कन्या, धनु, मकर और कुंभ राशि के लिए यह ग्रहण श्रेष्ठ नहीं है। मिथुन, तुला और वृश्चिक राशियों के लिए ग्रहण सुख प्रदान करने वाला है। नदियों और समुद्र के तटों पर रहने वाले लोगों पर ग्रहण का पूर्ण असर पड़ेगा। वहीं केदारनाथ मंदिर के कपाट भी सूतक के चलते दोपहर बाद 2 बजकर 54 मिनट पर बंद कर दिए जाएंगे। 28 जुलाई को भगवान केदारनाथ के कपाट विधि-विधान के साथ अपने निर्धारित समय पर श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे।



