स्किल डेवलपमेंट के बाद फिल्म निर्माण में जमेगी धाक


देहरादून। उत्तराखंड एक बार फिर स्किल डेवलपमेंट के बाद सीने व्यवसाय में देश-विदेश में अपनी धाक जमाएगा। यहां के सुरम्य क्षेत्र फिल्मों की पहचान के रूप में देश-विदेश में देखें जाएंगे। फिल्म निर्माण के समय भारी संख्या में बेरोजगारों को रोजगार मिलता है। सच कहें तो फिल्में बड़ी संख्या में रोजगार लाती है। कहीं भी जब कोई फिल्म यूनिट शूटिंग के लिए जाती है तो तमाम लोगों को रोजगार देती है। इन्हीं संभावनाओं को देखते हुए फिल्म निर्माण क्षेत्र को वरीयता दे रहा है। यह विचार प्रदेश के मुख्यमंत्री ने सूचना भवन में आयोजित पांच दिवसीय फिल्म एप्रिसियेशन कोर्स का उद्घाटन करते हुए व्यक्त किए।
मुख्यमंत्री ने इसे ऐतिहासिक पल बताते हुए एफ.टी.आई पुणे का आभार व्यक्त किया और कहा कि प्रयास किया जाएगा कि इस तरह के कोर्स हर जिले में आयोजित किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि फिल्म शूटिंग से राज्य में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष बड़ी संख्या में रोजगार प्राप्त होता है। फिल्मों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने शूटिंग का शुल्क पूरी तरह से हटा दिया है। एफ.टी.आई के सहयोग से आयोजित कोर्स से राज्य के युवाओं को फिल्म निर्माण संबंधी तकनीकी जानकारियां प्राप्त होंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में फिल्म निर्माण के लिए अनुकूल माहौल है। यहां लॉ एंड आर्डर की बेहतर स्थिति है। सरकार का प्रयास है कि उत्तराखण्ड के नैसर्गिक सौंदर्य को फिल्मों के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया जाए। महानिदेशक सूचना/मुख्य कार्यकारी अधिकारी फिल्म विकास परिषद डॉ.पंकज कुमार पाण्डेय ने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की पहल पर उत्तराखण्ड में पहली बार इस तरह की कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। फिल्म एप्रिसियेशन कोर्स के प्रति युवाओं में काफी उत्साह है।

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