
देहरादून। उत्तराखंड के इन दो जांबाज दरोगाओं की वजह से हो रही उत्तराखंड पुलिस की वाहवाही। दोनों दरोगाओं ने अपने-अपने क्षेत्र में इतना विशेष काम किया है कि लोग उनके साथ-साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों, पुलिस महानिदेशक तथा अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) और उनकी पूरी टीम को सलाम कर रहे हैं। यह दोनों दरोगा है उत्तरकाशी के यमुनोत्री के प्रभारी लोकेंद्र बहुगुणा तथा दूसरे दरोगा है नैनीताल रामनगर के गगनदीप सिंह। जहां लोकेंद्र बहुगुणा ने एक यात्री की जान कंधे पर लादकर इलाज कराकर बचाई, वहीं दरोगा गगनदीप सिंह ने एक मुस्लिम रोमियो को मरने से बचा लिया अन्यथा उसकी जान चली जाती। मामला लवजेहाद का था।
दरोगा गगनदीप की सतर्कता से मुस्लिम रोमियो मरने से बचा, अन्यथा कुछ भी हो सकता था। एसएसपी जन्मेजय खंडूरी की टीम के एक सदस्य ने पुलिस और प्रशासन दोनों की इज्जत बचा ली। दरोगा गगनदीप सिंह गर्जिया मंदिर में कानून व्यवस्था के लिए तैनात था वहीं पड़ोस में एक मुस्लिम रोमियो की लोगों ने पिटाई कर दी और गगनदीप सिंह न पहुंचा होता तो स्थिति कुछ और ही होती। ठीक यही स्थिति दरोगा लोकेंद्र बहुगुणा की भी रही। उन्होंने मध्य प्रदेश से आये यात्री रांझी राजक, जिसे लो ब्लड प्रेशर के साथ दिल का हल्का दौरा पड़ा था, को कंधे पर लाधकर अस्पताल पहुंचाया और रांझी राजक को बचा लिया। इन दोनों दरोगाओं की पूरे प्रदेश में ही नही पूरे देश में सराहना हो रही है। इनके साथ ही साथ प्रदेश पुलिस प्रशासन की लोग वाहवाही कर रहे हैं जहां नैनीताल गर्जिया वाले प्रकरण में गगन दीप सिंह के साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जन्मेजय खंडूरी की वाहवाही हो रही है, वहीं यमुनोत्री के लोकेंद्र बहुुगुणा के इस साहसिक कारनामे के कारण उत्तरकाशी के पुलिस अधीक्षक ददनपाल की भी सराहना हो रही है। इनके साथ ही साथ पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी तथा अपर महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार की भी सराहना हो रही है।
पुलिस प्रशासन को सही मायने में मित्र पुलिस की संज्ञा दी जा रही है। पहली घटना गत महीने 22 मई को घटी थी। 22 मई 2018 को गर्जिया मंदिर, रामनगर नैनीताल में एक घटना घटित हुई थी, जिसमें एक लड़का व लड़की मंदिर के पास देखे गये थे, जो अलग-अलग समुदाय के थे। स्थानीय भीड़ द्वारा लड़के को पकड़ा और मारपीट करने का प्रयास किया गया। मौके पर मौजूद उपनिरीक्षक गगनदीप सिंह द्वारा बहादुरी का परिचय देते हुए, भीड़ से युवक को बचाया गया। एसआई गगनदीप सिंह के इस कार्य के लिए अशोक कुमार महानिदेशक कानून व्यवस्था ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल को उक्त एसआई को पुरस्कृत करने हेतु निर्देशित किया है। जो हमलावर युवक हैं, उनके विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की गई है।
दूसरी घटना में यमनोत्री चौकी प्रभारी उप निरीक्षक लोकेन्द्र बहुगुणा ने अपनी सेवा से पुलिस की छवि में निखार लाने का काम किया है। श्री बहुगुणा जाम खुलवाने के लिए भैरवघाटी के पास लगे हुए थे, जहां जाम लगा हुआ था। लेकिन जाम खुलवाते समय मध्य प्रदेश से यात्री आये यात्री रांझी राजक अचानक सीने में दर्द होने के कारण जमीन पर गिर गए और छटपटाने लगे। जब यह स्थिति उप निरीक्षक लोकेन्द्र बहुगुणा ने देखी तो उन्हे इलाज के लिए घोड़े पर बैठाकर ले जाना चाहा, लेकिन परेशान राजक घोड़े पर भी नहीं बैठ पाये और गिरने लगे। दर्द से छटपटा रहे यात्री रांझी राजक का स्वास्थ्य खराब होते देख उप निरीक्षक लोकेन्द्र बहुगुणा ने बिना पालकी या डोली का इंतजार किए उन्हें अपनी पीठ पर लादा और दो किलोमीटर पैदल ले जाकर पीएचसी यमुनोत्री पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज किया और अब रांझी राजक खतरे से बाहर है। इन दोनों घटनाओं ने उत्तराखंड पुलिस की छवि सुधारने का का अप्रतिम काम किया है। इनकी जितनी सराहना की जाए उतनी कम है।




