
देहरादून। जिलाधिकारी ने कहा कि देहरादून शहर के मध्य से गुजरती हुयी रिस्पना नदी का देहरादून के साथ एक अनूठा रिश्ता है। मिशन रिस्पना देहरादून वासियों के पास एक मौका है इस नदी को उसके पुराने अविरल स्वरूप में वापस लाने का लंबे समय से दून वासियों ने उस रिस्पना नदी की अनदेखी की है जिसके ऊपरी क्षेत्र आज भी शहर को जीवनदायी जल प्रदान कर रहे है। मिशन रिस्पना का सपना मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने स्वयं देखा है और रिस्पना को फिर से ऋषिपर्णा बनाने का संकल्प हम सब के सामने रखा है। जिलाधिकारी ने कहा कि मिशन रिस्पना आम नागरिकों और सरकार के बीच एक ऐसी साझेदारी बनाना चाहता है जिसमें सब साथ मिलकर रिस्पना को पुनर्जीवित करने के लिए कदम बढाएं। शहर के संतुलित विकास हेतु समय की मांग है कि रिस्पना को पुनर्जीवित किया जाए। आज हम उस मुकाम पर है जहां हमें हमारे वर्तमान और भविष्य को सुरक्षित करने के लिए यह आवश्यक पहल करनी ही होगी।
जिलाधिकारी श्री एस. ए. मुरूगेशन ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र मिशन रिस्पना का नेतृत्व एवं स्वामित्व दून वासियों के हाथों में देना चाहते हैं। अब चाहे वो वृक्षारोपण हो, या सफाई अभियान चलाना या फिर आर्थिक तौर पर अभियान से जुडना। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र का नारा है, रिस्पना को बचाने के लिए चाहिए कि देहरादून के लोग तन, मन और धन के साथ मिशन से जुड़ें।
उन्होंने कहा कि “ऐसा करके आपका यह प्रयास देहरादून के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। दूनवासी मात्र कल्पना ही कर सकते है कि इससे देहरादून को कितना लाभ होगा। इस वृक्षारोपण से हमारे शहर में साफ आबो-हवा होगी, हरियाली होगी और भूजल स्तर में भी वृद्धि होगी। मिशन रिस्पना के जरिए हम देहरादून को एक जिम्मेदार शहर बना सकते है जो प्रकृति की संुदरता की सौगात को अपनी विकास यात्रा में अपने साथ लेकर चलना जानता हो। उन्होंने सभी से साथ मिलकर इस ऐतिहासिक कार्य में अपना योगदान देने तथा एक साथ एक दूजे के लिए रिस्पना को प्रदूषणमुक्त करने का संकल्प लेने की अपील की। हमारी आपसे अपील है कि इस कार्य की पूर्ति हेतु आप भी सहयोग करें ताकि आप अपनी भावी पीढ़ी को बता सके कि रिस्पना को बचाने हेतु आपने भी योगदान दिया था।”



