Monday, February 23, 2026
Home राज्य उत्तराखण्ड थराली विधानसभा भारी मतों से जीतेगी भाजपा : अजेंद्र अजय

थराली विधानसभा भारी मतों से जीतेगी भाजपा : अजेंद्र अजय


देहरादून। वृद्धावस्था की दहलीज पार कर जीर्ण-शीर्ण स्थिति में पहुंच चुकी कांग्रेस के साम्राज्य को 38 वर्षीय भाजपा ने छिन्न-भिन्न किया तो इसके लिए कांग्रेस पार्टी खुद पूरी तरह से जिम्मेदार है। स्वतंत्रता के बाद लोकतंत्र स्थापित होने पर भी कांग्रेस देश को राजशाही की तरह चलाती रही है. राजनीति को परिवारवाद तक सीमित कर दिया. अशिक्षा, गरीबी व पिछड़ापन केवल लोक लुभावन नारों में जिंदा रखा. मुस्लिम तुष्टिकरण और दलित वर्ग को गुमराह कर उन्हें अपने वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया. अपने स्वार्थों के खातिर कांग्रेस विभिन्न वर्गों को आपस में लड़ाती रही. कांग्रेस ने आमजन की समस्याओं से मुंह मोड़े रखा. स्थिति यहाँ तक पहुंची कि कांग्रेस व भ्रष्टाचार एक दूसरे के पर्याय बन गये। यह विचार भाजपा के वरिष्ठ युवा नेता अजेंद्र अजय के है। अजेंद्र अजय ने एक बयान में कहा है कि थराली चुनाव हम भारी मतों से जीतेंगे। उन्होंने कर्नाटक जैसे क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा है कि जहां भाजपा 40 सीटों पर थी वह 104 तक पहुंच गई और अब सदन में बहुमत साबित कर देगी। एक विशेष भेंट में श्री अजय ने कहा कि हमारी सरकार का अर्थ केवल सत्ता अर्जित करने तक नहीं रहा. मोदी ने ”सबका साथ-सबका विकास” को ध्येय वाक्य बनाते हुए कार्य किया।
यही कारण रहा कि देश की जनता ने भाजपा को हाथों-हाथ लिया. भाजपा के नाम विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनने का रिकॉर्ड दर्ज़ हुआ. वर्ष 2014 में जब भाजपा ने लोकसभा में विजय प्राप्त कर केंद्र में सरकार बनाई थी, तब पांच राज्यों गुजरात, राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ व नागालैंड में भाजपा सरकारें थीं। आज देश के 21राज्यों में भाजपा और उसके गठबंधन की सरकारें हैं. पूर्वोत्तर भारत में मिजोरम छोड़कर बाकी सभी राज्यों में भाजपा सत्ता में काबिज है. त्रिपुरा में 25 साल पुराने वामपंथी शासन को ध्वस्त करना और कांग्रेस को शून्य पर पहुंचाना एक अभूतपूर्व घटना है. भाजपा ने असोम में एक दशक पुराने कांग्रेस राज का खात्मा किया. उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में 403 विधानसभा सीटों में से 325 सीटों पर कब्जा कर भाजपा ने एक नया इतिहास लिखा. वहीँ उत्तराखंड में 70 में से 57 सीटों पर विजय प्राप्त कर रिकॉर्ड कायम किया।
यह घोर आश्चर्यजनक व दुर्भाग्यपूर्ण है कि इतनी बुरी गति को प्राप्त करने के बावजूद कांग्रेस पार्टी कोई सबक लेने को तैयार नहीं दिखती है. कांग्रेस अपनी विघटनकारी और समाज को बांटने की नीति को नहीं छोड़ पा रही है.
बहरहाल कांग्रेस की पराजय का यह सिलसिला मात्र कांग्रेस या राहुल गांधी की हार तक सीमित नहीं है. यह बुद्धिजीवियों के खाल ओढ़े उन तमाम वामपंथियों, छद्म धर्मनिरपेक्षतावादियों और मीडिया के उस वर्ग के मुंह पर करारा तमाचा है, जो बात-बेबात पर प्रधानमंत्री मोदी व उनकी सरकार की आलोचना करना अपना धर्म समझते हैं. उत्तराखंड के संदर्भ में बात करें तो कर्नाटक चुनाव परिणामों की की गूंज थराली विधानसभा उप चुनाव और आसन्न निकाय चुनावों में भी निश्चित रूप से सुनाई देगी. कर्नाटक में भाजपा की सरकार गठित होने पर जो उत्साह का वातावरण बना है, उससे थराली उप चुनाव व निकाय चुनावों के परिणामों पर असर पड़ेगा और भाजपा को इसका लाभ मिलेगा। हम भारी बहुमत से थराली विधानसभा जीतेंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Ad 1 Ad 2