
देहरादून। कैलास मानसरोवर यात्रा अब और रोचक हो जाएगी। सरकार ने इस बार पिथौरागढ़ से गूंजी तक कैलास मानसरोवर यात्रियों को हेलीकाप्टर से ले जाने का मन बनाया है। हालांकि हेलीकाप्टर का खर्च विदेश मंत्रालय देगा या यात्री यह भी तय नहीं है। इसके लिए कुमाऊं मंडल विकास निगम विशेष व्यवस्था कर रहा है ताकि यात्रियों को यह कठिन और दुर्गम मार्ग अब पैदल करने के बजाय हेलीकाप्टर से तय कराया जाए, इसके लिए कुमाऊं मंडल विकास निगम ने अब नयी यात्रा व्यवस्था विदेश मंत्रालय को देने का मन बना लिया है।
जानकार सूत्रों की माने तो कैलास मानसरोवर यात्रा की बैठक जो नई दिल्ली में संपन्न हुई में क्षेत्रीय निदेशक डॉ. अमित तेलंग के साथ कुमाऊं मंडल विकास निगम के अधिकारी उपस्थित थे, इनमें महा प्रंबंधक त्रिलोक सिंह सिंह मारतोलिया, उप जिलाधिकारी राजकुमार पांडे तथा भारत तिब्बत सीमा पुलिस के अपर महानिदेशक होशियार सिंह समेत सिक्किम के भी कुछ अधिकारी मौजूद थे जिसमें यात्रा संबंधी निर्णय लिये गये।
कुछ ऐसा होगा नया शेड्यूल
नया शेड्यूल इस तरह से तैयार होगा कि यात्री आठ जून को दिल्ली में रिपोर्ट करेंगे और चिकित्सकीय परीक्षण के बाद पहला दल 12 जून को कुमाऊं में प्रवेश करेगा। यात्रा में कुमाऊं के रास्ते 18 दल तथा सिक्किम के रास्ते दस दल जाएंगे।
कालापानी में यात्री विश्राम संभव
अब पिथौरागढ़ के कालापानी पड़ाव में यात्री दल को विश्राम कराया जा सकता है। बैठक में केएमवीएन नए सिरे से यात्रा का शेड्यूल तैयार कर मंत्रालय को उपलब्ध कराएगा। अन्य पड़ावों पर सुविधाओं को लेकर भी चर्चा हुई। सिक्किम के रास्ते दस दल मानसरोवर भेजने पर भी सहमति बनी। यहां बता दें कि कुमाऊं मंडल विकास निगम 1981 से पवित्र कैलास मानसरोवर यात्रा का आयोजन करा रहा है।



