
राष्ट्रीय राजमार्ग 74 घोटाला लगातार सुरसा के मुंह की तरह बढ़ता चला जा रहा है। अब इस घोटाले की आंच कुछ और अधिकारियों तक पहुंच रही है। जिनमें कुछ आईएएस भी शामिल है। इसी प्रकार एक पीसीएस तीरथ पाल इस मामले में नपते दिखाई दे रहे है, जिनका इस मामले में नाम आया है और उनसे पूछताछ चल रही है जिसके कारण उनका इस मामले में धरा जाना तय है। एसआईटी ने गदरपुर में तहसील भूमि संबंधी प्रकरण पर पीसीएस जिलाधिकारी तीरथ पाल को पूछताछ करने के लिए नोटिस जारी कर दिया है। सूत्रों की माने तो इस मामले में तीरथ पाल भी लपेटे में आ रहे है।
एसआइटी अब तक जसपुर, काशीपुर, बाजपुर और सितारगंज तहसील की जांच कर चार पीसीएस समेत 20 अधिकारी, कर्मचारियों और काश्तकारों को गिरफ्तार कर चुकी है।
पूर्व एसडीएम बाजपुर तीरथ पाल का नाम इस घोटाले में सुर्खियों में रहा है। चकबंदी वाले गांवों में गलत तरीके से भूमि अधिग्रहण को लेकर उन पर सवाल उठ रहे थे। साक्ष्य न मिलने पर वह एसआइटी के टारगेट से दूर थे। हालांकि, शासन ने उन्हें एक अन्य मामले में निलंबित कर दिया था।
अब जैसे-जैसे एसआइटी जांच में परतें खुल रही हैं, पीसीएस अधिकारी तीरथ पाल की गर्दन भी फंसती नजर आ रही है। एसआइटी अधिकारियों के मुताबिक गदरपुर के चार मामलों में उनके खिलाफ सुबूत मिले हैं।
इसी मामले में बरा के 30 किसानों को भी नोटिस जारी हुआ है। किच्छा और गदरपुर तहसील की जांच में जुटी हुई है। हालांकि जसपुर, काशीपुर, बाजपुर और सितारगंज तहसील के दस्तावेजों का एहतियातन दोबारा अध्ययन भी कर रही है। ताकि कुछ और मामले मिलने पर उन्हें भी जांच में शामिल किया जा सके।




