
देहरादून, खुशखबरी: अब मान्यता प्राप्त पत्रकारों के यातायात की व्यवस्था पहले जैसी ही जरी रहेगी इसके लिए देव भूमि पत्रकार यूनीयन ने विशेष फल की है जानकारी देते हुए संस्था के महा सचिव डी वी शर्मा ने बताया कि संयुक्त उत्तरप्रेदश के कार्यकाल से जारी व्यवस्था यथावत लागू रहेगी. डॉक्टर शर्मा ने बताया कि उत्तराखण्ड परिवहन निगम के द्वारा डी.बी.टी. लागू किये जाने की कोशिश को देवभूमि पत्रकार यूनियन की त्वरित पहल पर परवान न चढ़ सकी। यूनियन के प्रदेश महामंत्री, वरिष्ठ पत्रकार वी0डी0 शर्मा के अनुसार शासनादेश दिनांक 18 मार्च 2006 के तहत मान्यता प्राप्त पत्रकारों को निशुल्क यात्रा की सुविधाहासिल है। इसके विपरीत रोडवेज प्रबन्धन डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डी.बी.टी.) लागू करना चाह रही थी जिसमें परिचय पत्र दिखाने पर पहले पूरा किराया देना होगा. बाद में किराये की राशि बैंक अकाउन्ट में भेजे जाने का प्राविधान है। उत्तराखण्ड शासन के शासनादेश संख्या 69/2006 दिनांक 18 मार्च 2006 के बिन्दु 3 में स्पष्ट प्राविधान किया गया है पत्रकारों द्वारा की गई निशुल्क यात्रा का एक कंसोलिडेटिड बिल सूचना विभाग को उपलब्ध कराया जायेगा। उत्तराखण्ड परिवहन निगम को सूचना विभाग एक मुश्त भुगतान कर देगा। देवभूमि पत्रकार यूनियन इस मामले को परिवहन मंत्री यशपाल आर्य, सचिव/महानिदेशक सूचना विभाग, प्रबन्ध निदेशकउत्तराखण्ड परिवहन निगम से लेकर महामहिम राज्यपाल व मुख्यमंत्री तक इस मामले को प्रभावी ढंग से पहुंचाया और डी.बी.टी. योजना से पत्रकारों को होने वाली आर्थिक व व्यवहारिक कठिनाईयों से अवगत कराया। यूनियन ने रोडवेज प्रबन्धन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि रोडवेज प्रबन्धन इकतरफा फैसला कर जबरन डी.बी.टी. योजना थोपने की कोशिश करेगा तो विवश होकर उच्च न्यायालय की शरण में जाने को बाध्य होना पड़ेगा।




