
बड़ी खबर : त्रिवेन्द्र रावत सरकार ने ट्रांसपोर्टर प्रकाश पांडे की पत्नी को सरकारी नौकरी व परिवार को 12 लाख की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है..बुधवार को प्रकाश पांडेय के परिजन अंतिम संस्कार नहीं कराने पर अड़ गए थे। उनकी मांग थी कि जब तक पत्नी को सरकारी नौकरी और बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था नहीं होगी तब तक अंतिम संस्कार नहीं होगा। जिसके बाद डीएम दीपेंद्र कुमार चौधरी, नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश, मेयर जोगेंदर रौतेला सहित कई अन्य नेताओ की मोजूदगी में मृतक के परिजनों के साथ मुवावजे को लेकर वार्ता हुई, चीफ सेकेट्री से वार्ता के बाद मुवावजे का ऐलान किया गया।
छह जनवरी को जहर खाकर भाजपा कार्यालय में चल रहे कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के जनता दरबार में पहुंचे हल्द्वानी के ट्रांसपोर्टर प्रकाश पांडेय की मंगलवार को राजधानी के मैक्स अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। मंगलवार देर रात करीब ढाई बजे प्रकाश पांडेय का शव उनके घर पहुंचा। इसके बाद आवास पर कोहराम मच गया।
लेकिन बाद में डीएम दीपेंद्र कुमार चौधरी के 12 लाख रुपए की आर्थिक मदद और पत्नी को संविदा में नौकरी के आश्वासन पर प्रकाश पांडेय के परिजन अंतिम संस्कार के लिए मान गए। बताया गया कि दो लाख रुपए की सहायता तत्काल की जाएगी।



