
उपनल कर्मचारी महासंघ ने मांगों पर कार्रवाई न होने पर आंदोलन का ऐलान किया है। कुमाऊ मण्डल में लगभग सभी विभागों में 5500 उपनल कर्मचारी काम करते हैं, नैनीताल ज़िले में इनकी संख्या 2300 के करीब है, आठ और नौ जनवरी को उपनल कर्मचारी हड़ताल करेंगे। अगर फिर भी मांगों पर निर्णय नहीं हुआ तो बेमियादी हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी है। हड़ताल का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर सबसे ज्यादा रहेगा।
हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में करीब 800 उपनल कर्मचारी कार्यरत है जिनके भरोसे स्वास्थ सेवाएं है, इस वजह से करीब 300 मरीज़ों को दिक्कत झेलनी पड़ सकती है, गौरतलब है की उपनल कर्मचारी लंबे वक्त से समान कार्य के लिए समान वेतन देने की मांग की जा रही है लेकिन सरकार इसे लागू नहीं कर रही है। साथ ही कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए नियमावली भी बनाई जाए, क्योंकि उपनल कर्मचारियों के मानदेय में वर्ष 2013 के बाद कोई वृद्धि ही नहीं हुई है। उनके मुताबिक उत्तराखण्ड के सभी सरकारी विभागों में करीब 18000 उपनल कर्मी काम कर रहे है लेकिन सरकार उनकी नियुक्ति पर कोई कड़ा फैसला नही उठा पा रही है, उपनल कर्मचारियों के मुताबिक उत्तराखण्ड की अंदर जितनी भी विभागों में ब्यबस्था खराब होगी उसकी जिम्मेदार केवल सरकार होगी,और वो अपनी मांगे मनवाने किसी भी हद से गुज़रने से गुरेज़ नही करेंगे।
उधर उपनल कर्मचारियों की इस हड़ताल के ऐलान के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है की सरकार के खजाने में कुछ नही बचा लिहाज़ा कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए कोई सार्थक निर्णय नही ले पा रही है, नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने भी राज्य सरकार पर तीखा आरोप लगाते हुए कहा कि 9 माह बाद भी सरकार का खजाना खाली है और सरकार के पास तनख्वाह देने के लिए कुछ नही बचा, अब ऐसे में कर्मचारियों के हित में निर्णय कैसे ले यह सोचनीय विषय है।



