देश की राजधानी दिल्ली ही नहीं उत्तराखंड में भी मौसम का बदला मिजाज़ पर्यावरण और सेहत पर असर डाल रहा है. प्रदेश के कई इलाकों में चार गुना तक बढ़ा प्रदुषण से गंभीर बीमारियों का ख़तरा पैदा हो गया है।
नवम्बर की शुरुवात से ठंड की दस्तक होते ही उत्तराखंड के मैदानी इलाके देहरादून, हरिद्धार, रूद्रपुर, काशीपुर, रूड़की और भगवानपुर भारी प्रदूषण की चपेट में हैं. इसके साथ ही राजधानी देहरादून के कई इलाके भी वायु प्रदूषण बढ़ा है।
देहरादून के आईएसबीटी में पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने परीक्षण किया तो आम दिनों की तुलना में यहां की आबोहवा चार गुना ज़्यादा प्रदूषित मिली. शहर के बाक़ी इलाकों में भी प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है. गाड़ियों से निकला धुआं और निर्माणाधीन फ्लाईओवर से उड़ती धूल का गुबार लोगों की सांस में ज़हर घोल रहा है।
ठंड में धूल और धुएं के कण हवा में ज़्यादा ऊपर नहीं जा पाते हैं. यह कण इंसान की ऊंचाई के बराबर तक हवा में तैरते रहते हैं जिससे कई गंभीर बीमारियों का ख़तरा पैदा हो गया है. इसे सिर्फ बारिश ही बेअसर कर सकती है. अगर बारिश नहीं हुई तो ये असर लंबे वक्त तक रह कर सेहत को नुक़सान पहुंचाएगा।