Homeराज्यउत्तराखण्डइन कश्मीरी पंडितो ने लम्बे संघर्ष के बाद अपनी सफलता का गाड़ा...

इन कश्मीरी पंडितो ने लम्बे संघर्ष के बाद अपनी सफलता का गाड़ा झंडा!

देश में कश्मीर और कश्मीरी पंडित हमेशा से राजनीती का एक अहम मुद्दा रहा हैं। काफी साल पहले से ही राजनीति, अलगाववादी और आतंकियों ने कश्मीरी पंडितों का जीना दूर्लभ कर दिया था। अपने ऊपर हो रहे लगातार हमलों के चलते लाखों कश्मीरी पंडितों को अपना घर और कारोबार छोड़ घाटी से पलायन कर हिन्दुस्तान के दूसरे कोनो में रिफ्यूज़ी की तरह ज़िंदगी बितानी पड़ रही है।

कश्मीरी पंडित का एकलौता ऐसा मुद्दा है जो न तो राज्य सरकार को जरूरी लगता हैं और न ही केंद्र सरकार को। कुछ कश्मीरियों ने तो हालातो के साथ समझौता कर लिया, वहीं कुछ ने अपनी ज़िंदगी फ़िर से जीने की कोशिश की। वैसे आपको पता है क्या कि कश्मीर का नाम कश्यप ऋषि के नाम पर पड़ा था। कश्मीर के मूल निवासी सारे हिन्दू थे।

 5000 साल पुरानी है कश्मीरी पंडितो की संस्कृति 

कश्मीरी पंडितो की संस्कृति 5000 साल पुरानी है और वो कश्मीर के मूल निवासी हैं, इसलिए अगर कोई कहता है कि भारत ने कश्मीर पर कब्ज़ा कर लिया है यह सारा सर से गलत है। आइये मिलते हैं कश्मीर के उन पंडितों से जिन्हें बस इनके नाम से पूरी दुनिया जानती है…

यह वो कश्मीरी पंडित हैं जिन्होंने अपनी मेहनत से सफलता का झंडा गाड़ दिया। आज हिन्दुस्तान ही नहीं, पूरा विश्व इन्हें जानता है।

देश के प्रथम प्रधानमंत्री नेहरू आजाद कश्मीरी पंडित थे और उनका जन्म इलाहाबाद में हुआ था। नेहरू ने अपने कार्यकाल में मॉर्डन इंडिया की नीव रखी थी। इन्होंने पंचशील की थ्योरी दी और 1954 में उन्हें ‘भारत रत्न’ मिला।

सूरेश रैना मूल रूप से कश्मीरी पंडित है। रैना का परिवार 1980 में श्रीनगर के रैनवारी इलाके से उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद आ गया था। आज वे टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज है।

फिल्म अभिनेता अनुपम ख़ेर को कौन नहीं जनता। इनकी गिनती हिंदूस्तान के दिग्गज कलाकारों में की जाती है। इनके पिता पुष्कर नाथ भी कश्मीरी पंडित थे।

टीवी सीरियल ‘देवों के देव महादेव’ में भगवान शिव का किरदार निभाने वाले मोहित रैना कश्मीरी पंडित कम्युनिटी से बिलॉन्ग करते हैं। मोहित का जन्म जम्मू में हुआ था। टीवी में एक्टिंग के अलावा मोहित मॉडलिंग भी कर चुके हैं।

कुणाल खेमू भी कश्मीर के एक पंडित परिवार में पैदै हुए थे। ये फिल्म ‘राजा हिन्दुस्तानी’, ‘हम हैं राही प्यार के’ चाइल्ड आर्टिस्ट नजर आ चुके हैं। इसके आलावा भी ये कई सारी फ़िल्मों में काम कर चुके हैं।

बॉलीवुड के फेमस खलनायकों में से एक ‘जीवन’ का जन्म 1915 में श्रीनगर में हुआ था। उन्होंने 50 के दशक में 60 से ज्यादा माइथोलॉजिकल फिल्मों में नारद मुनि का रोल निभाया है। जीवन के पिताजी गिलगिट और बटालिस्तान के गर्वनर थे। वे एक्टर बनने के लिए जीवन 18 साल की उम्र में अपने घर से भाग गए थे।

वीरेंद्र राजदान भी कश्मीरी पंडित थे। बी.आर चोपड़ा के एपिक सीरियल ‘महाभारत’ में उन्होंने ‘विदुर’ का किरदार निभाया था।

बॉलीवुड में मणि कौल की पहचान लीक से हटकर सिनेमा बनाने वाले एक डायरेक्टर के रूप में की जाती है। मणि कौल भी कश्मीरी पंडित थे।

Vision Desk 3
Vision Desk 3http://vision2020news.com/
उत्तराखंड ताज़ा समाचार - Vision 2020 News gives you the Latest News, Breaking News in Hindi.Uttarakhand News, Dehradun News, Latest News, daily news, headlines, sports, entertainment and business from Uttarakhand, India.
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_img

Most Popular