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वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या, 7 गोलियां चलीं!! हत्यारों का अभी तक कोई सुराग नहीं !

कर्नाटक के बेंगलुरु में वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या हो गयी है. हत्या के घंटों के बाद भी कोई सुराग सामने नहीं आया है. मंगलवार शाम दो हमलावरों ने 8 बजे के करीब उनके घर में घुसकर ताबड़तोड़ फ़ायरिंग शुरू कर दी. हमलावरों की संख्या दो बताई जा रही है जिन्होंने 7 राउंड गोलियां चलाईं, जिसमे गौरी को तीन गोलियां लगी और मौक़े पर ही उनकी मौत हो गई. पुलिस पास की एक इमारत में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के आधार से हत्यारों की पहचान करने में जुटी है. हत्यारों की गिरफ़्तारी के लिए पुलिस की तीन टीमें बनाई गई हैं. ‘गौरी लंकेश पत्रिके’ की संपादक गौरी हित्दुत्व की राजनीति की मुखर आलोचक थीं. पिछले साल उन्हें मानहानि केस का दोषी पाया गया था. बीजेपी नेता के ऊपर की गई एक रिपोर्ट के मामले में बीजेपी सांसद प्रह्लाद जोशी ने उन पर मानहानि का केस किया था.


कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने गौरी लंकेश की हत्या पर ट्वीट कर अफसोस जताया है. उन्होंने लिखा है कि जानी-मानी पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के बारे में जानकर स्तब्ध हूं. इस जघन्य अपराध की निंदा करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं. ये लोकतंत्र की हत्या है. उनके निधन से कर्नाटक ने एक मज़बूत प्रगतिशील आवाज़ खो दी है, और मैंने एक दोस्त खो दिया है.

कर्नाटक के गृहमंत्री जी परमेश्वर ने लिखा है कि पिछले हफ़्ते उन्होंने मुझे फ़ोन किया था. वह मुझसे मिलना चाहती थीं. तब मैं गृह मंत्री नहीं था.मैंने उनसे सोमवार को आने को कहा. मैंने उसी दिन मिलने को कहा, लेकिन उन्होंने सोमवार को मिलने की बात कही. मैंने अपने डीजी को फ़ोन किया. वो डीजी से दो-तीन बार मिली थीं, पर उन्होंने कभी सुरक्षा नहीं मांगी थी.

बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर टी सुनील कुमार ने कहा कि करीब 8 बजे जब गौरी लंकेश घर आईं तो उन्होंने गेट के सामने कार पार्क की और जब वह गेट खोल रही थीं तो उन्हें गोली मारी गई. जब पड़ोसी उन्हें देखने आए तो उन्होंने देखा कि गौरी लंकेश घर के बरामदे में गिरी हुई हैं. उन लोगों ने पुलिस को सूचना दी. पुलिस आई तो देखा कि गौरी ख़ून से सनी पड़ी हैं. वहां पर चार ख़ाली कारतूस मिले.उन चार में से कितनी गोलियां उन्हें लगी ये स्टमार्ट्म के बाद पता चलेगा.


आखिर कौन थीं गौरी लंकेश:
वह ‘गौरी लंकेश पत्रिके’ की संपादक थीं
2005 में पत्रिका की शुरुआत की
व्यवस्था विरोधी रुख की वजह से लोकप्रियता
कर्नाटक की सिविल सोसायटी का जाना माना चेहरा थीं
विचारधारा अलग होने की वजह से निशाने पर थीं

गौरी लंकेश की दोस्त ने बताया कि वह उन सभी लोगों की अच्छी दोस्त थी जो धर्मनिरपेक्षता को समझते थे. उन लोगों ने उन्हें मार दिया.

सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर ने कहा कि इस तरह की हत्या जनतंत्र और इंसानियत के खिलाफ है. मेधा पाटकर कलबुर्गी, पानसरे और दाभोलकर की हत्या में अब तक सज़ा नहीं. जब तक इन केसों में सज़ा नहीं मिलती तब तक ऐसी हत्याएं होती रहेंगी. ऐसे विशेष लोगों और उनके परिवारों को सुरक्षा दी जाए.

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी ट्वीट कर गौरी लंकेश की हत्या पर दुख जताया है. सच्चाई को कभी ख़ामोश नहीं किया जा सकता. गौरी लंकेश हमारे दिलों में ज़िंदा हैं. मेरी संवेदना और स्नेह उनके परिवार के साथ है. दोषियों को सज़ा होनी चाहिए.

पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के विरोध में जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे हैं. बेंगलुरु में बीती रात लोगों ने कैंडल मार्च निकाला. आज भी जगह-जगह पर विरोध प्रदर्शन होने हैं. बेंगलुरु, मैंगलोर, मांड्या में हत्या के विरोध में आज प्रदर्शन की तैयारी है. वहीं दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, चेन्नई में भी गौरी लंकेश की हत्या के विरोध में प्रदर्शन की तैयारी है.

 

Vision Desk 3
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