प्रदेश में इस समय दो प्रमुख धार्मिक यात्रा चल रही है और इन दोनों यात्राओ में आये हुए है लाखो करोडो भक्त। जम्मू कश्मीर में कल रात अमरनाथ में हुई आतंकी घटना के बाद अब उत्तराखंड सरकार के लिए इन दोनों यात्राओं को सुरक्षित चलाना एक बड़ी चुनोती से कम नहीं है कांवड़ मेले में पहले से ही आतंकी घटना के इनपुट मिलते रहे है।जम्मू कश्मीर में कल रात की घटना के बाद तो खुद सीएम को कड़ी सुरक्षा के आदेश जारी करने पड़ गए है इसके साथ ही सरकार ने मौसम के बदलते रुख को देखते हुए चारधाम में कोई अप्रिय घटना ना हो इस लिए दो दिनों के लिए यात्रा को भी रोक दिया है यानी भक्ति के इस समंदर में इस वक्त उत्तराखंड सरकार को सूझबूझ से आस्था को बरकरार रखते हुए सभी व्यवस्थाये करनी पड़ रही है हरिद्वार और ऋषिकेश के धार्मिक स्थल हमेशा से ही आतंकियों के निशाने पर रहे है। लेकिन ये माँ गंगा का दोनों स्थानों को वरदान ही है की आज तक इन धार्मिक स्थलों का कोई भी बाल भी बांका नहीं कर पाया है।जम्मू कश्मीर में लेकिन कल रात आतंकियों द्वारा हुई इस कायराना हरकत के बाद उत्तराखंड सरकार कोई भी रिश्क लेना नहीं चाहती है और शायद यही कारण है की जैसे ही अमरनाथ यात्रियों के ऊपर हमला हुआ वैसे ही सीएम त्रिवेंद्र ने पुलिस मुखिया को ये आदेश दे दिए की तमाम सुरक्षा धार्मिक स्थलों की बढाई जाये | जिसके बाद ऋषिकेश हरिद्वार और उत्तराखंड के तमाम धार्मिक स्थलों की सुरक्षा चाक चोबंद कर दी गयी है
कांवड़ यात्रा को तो सुरक्षा के बीच चलाने में उत्तराखंड की सरकार और पुलिस कामयाब हो रही है लेकिन आसमानी आफत के बीच सरकार किसी तरह का कोई जोखिम लेना नहीं चाहती है |और शायद यही कारण है की मौसम विभाग द्वारा जारी किये गए अलर्ट के बाद दो दिनों के लिए चारधाम यात्रा को सरकार ने ऋषिकेश में रोक दिया है |सरकार के प्रवक्ता मदन कौशिक की माने तो सरकार की तरफ से इस मौसम से निपटने के लिए हार संभव प्रयास किये गए है |SDRF NDRF सहित जरुरत पड़ने पर सेना को भी रहत और बचाव में उतरने के लिए पूरी व्यवस्थाये बना ली गयी है
इसी के साथ बारिश के रुख को देखते हुए हरिद्वार देहरादून चमोली रुद्र्पर्याग सहित पहाड़ो में सभी स्कुलो को बंद कर दिया गया है | शिक्षा मंत्री ने साफ कह दिया है की पहले जीवन है बाद में सब कुछ है | लिहाजा पढाई तो अगले साल भी हो जायेगी लेकिन सभी छात्र आपनी जान को सुरक्षित रखें