19 मई को राज्य सरकार द्वारा आबकारी के नियम बनाए गए और इसके बाद शराब की दुकानों के आवंटन के लिए विज्ञापन जारी किए गए। इस नियम के खिलाफ अलग-अलग याचिकाएं कोर्ट में दायर की गई। इन याचिकाओ में सरकार द्वारा बनाए गए प्रावधानों को असंवैधानिक घोषित करने तथा विज्ञापन निरस्त करने की मांग की गई थी।
इन्ही याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने सरकार को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने नैनीताल, ऊधमसिंह नगर व देहरादून की मदिरा दुकानों की लॉटरी पर रोक लगाने की प्रार्थना को स्वीकार न करते हुए सरकार को तीन सप्ताह का समय देते हुए आबकारी दुकान आवंटन को याचिकाओं के अंतिम फैसले अधीन कर दिया। कोर्ट ने शराब की दुकानों की लॉटरी पर रोक की मांग अस्वीकार कर दी।




