चमोली : उत्तराखंड के चमोली जिले में बदरीनाथ धाम से देहरादून के सहस्रधारा हेलीपैड के लिए रवाना हुआ एक हेलीकॉप्टर हादसे का शिकार हो गया। दुर्घटना जोशीमठ के नजदीक हाथी पर्वत क्षेत्र में हुई, जिसमें पायलट समेत छह लोगों की जान चली गई। चमोली के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने सभी छह लोगों की मौत की पुष्टि की। हेलीकॉप्टर में सवार यात्री बेंगलुरु के रहने वाले थे, जबकि पायलट दिल्ली का निवासी था।
Helicopter Crash में पायलट समेत 6 लोगों की मौत
जानकारी के अनुसार, हेलीकॉप्टर ने दोपहर 1:14 बजे बर्फबारी के दौरान बदरीनाथ धाम से देहरादून के लिए उड़ान भरी थी। जोशीमठ घाटी के ऊपर उड़ान के दौरान अचानक उसका संपर्क टूट गया। इसके साथ ही ट्रैकिंग सिस्टम से भी हेलीकॉप्टर की लोकेशन मिलनी बंद हो गई। कुछ समय बाद हाथी पर्वत के पास हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना प्रशासन को मिली।
हादसे की जानकारी सबसे पहले भारतीय सेना की ओर से चमोली के जिलाधिकारी को दी गई थी। इसके बाद सेना, जिला प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमें सर्च एवं रेस्क्यू अभियान के लिए घटनास्थल पर भेजी गईं। दुर्घटना के बाद एहतियाती कदम उठाते हुए ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड के सभी हेलीकॉप्टरों के संचालन पर रोक लगा दी गई।
हेलीकॉप्टर संचालन में कई कंपनियों की थी भूमिका
यूसीएडीए के हेड ऑफ ऑपरेशंस की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर स्काई पल्स कंपनी का था। चार्टर सेवाओं के संचालन के लिए इसे शिव भोले ट्रेवल मार्ट को दिया गया था। जानकारी के अनुसार, शिव भोले ट्रेवल मार्ट के पास अपना नॉन-शेड्यूल्ड ऑपरेटर परमिट (NSOP) नहीं था। कंपनी ने डीजीसीए में परमिट के लिए आवेदन किया हुआ था और इसकी प्रक्रिया चल रही थी। इस दौरान अस्थायी तौर पर दूसरी कंपनी के परमिट के माध्यम से उड़ानों का संचालन किया जा रहा था।
इस हेलीकॉप्टर के स्वामित्व, उड़ान संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारियां अलग-अलग कंपनियों के पास थीं। हेलीकॉप्टर का वास्तविक मालिक स्काई पल्स था, जबकि इसे लीज पर लेकर शिव भोले ट्रेवल मार्ट संचालित कर रहा था। हेलीकॉप्टर उड़ाने वाले पायलट चिप्सन कंपनी से जुड़े थे और इसके रखरखाव की जिम्मेदारी शौर्य एयरोनॉटिक्स के पास थी।



