देहरादून।उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के विकास को लेकर बीजेपी के भीतर ही सवाल उठने लगे हैं। पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी ने कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल पर निशाना साधते हुए विकास कार्यों की अनदेखी का आरोप लगाया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “कुंभकर्ण छह महीने में जागता था, लेकिन विधायक पांच साल से सो रहे हैं।नेगी ने गैरसैंण के विकास से जुड़ी लंबित योजनाओं और 25 हजार करोड़ रुपये की घोषणा का जिक्र करते हुए नौकरशाही की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।
![]()
विधायक ने पांच साल में एक भी पत्र का संज्ञान नहीं लिया’
गढ़वाल मंडल विकास निगम के गेस्ट हाउस में प्रेस वार्ता के दौरान सुरेंद्र सिंह नेगी ने आरोप लगाया कि गैरसैंण और आसपास के क्षेत्रों के विकास को लेकर जनता की उम्मीदें पूरी नहीं हुई हैं। उन्होंने दावा किया कि गैरसैंण के चौमुखी विकास के लिए तैयार की गई पांच से छह प्रमुख मांगों को लेकर उन्होंने पिछले पांच वर्षों में विधायक अनिल नौटियाल को कई पत्र लिखे, लेकिन उन पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। नेगी ने कहा कि क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं और विकास से जुड़े मुद्दों को सरकार के सामने मजबूती से उठाया जाना चाहिए था। उन्होंने विधायक की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए विकास कार्यों में तेजी लाने की जरूरत बताई।
25 हजार करोड़ रुपये की घोषणा पर उठाए सवाल
सुरेंद्र सिंह नेगी ने साल 2017 के घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई थीं। राजधानी क्षेत्र के सुनियोजित विकास के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति गठित करने की बात भी कही गई थी।उन्होंने बताया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गैरसैंण राजधानी क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए दस वर्षों में 25 हजार करोड़ रुपये खर्च करने की घोषणा की थी।पूर्व विधायक के अनुसार, इस योजना के तहत कृत्रिम झील, भाषा संस्थान और आधुनिक मिनी सचिवालय जैसी परियोजनाओं पर काम होना था। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि इन घोषणाओं के अनुरूप धरातल पर अपेक्षित प्रगति नहीं दिखाई दे रही है।



