लोहाघाट : नगर के प्रस्तावित मास्टर प्लान-2041 को लेकर विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। शुक्रवार को प्रह्लाद मेहता के नेतृत्व में नगर के विभिन्न वार्डों से बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने शहरी एवं ग्राम्य नियोजन विभाग के समक्ष 176 आपत्तियां और शिकायतें दर्ज कराईं।
मास्टर प्लान-2041 के खिलाफ लोहाघाट में बढ़ा जनाक्रोश
लोहाघाट के लोगों का कहना है कि जब तक नगर क्षेत्र की भूमि को फ्रीहोल्ड नहीं किया जाता, तब तक मास्टर प्लान लागू करना जनता के हित में नहीं होगा। आपत्तियां दर्ज कराने पहुंचे नागरिकों ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में उनकी भूमि पर पूर्ण मालिकाना अधिकार नहीं है। प्राधिकरण के दायरे में आने से भवन निर्माण, नक्शा पास कराने और अन्य विकास कार्यों में अनावश्यक बंदिशें व जटिल प्रक्रियाओं का सामना करना पड़ेगा। लोगों ने सरकार से पहले भूमि को फ्रीहोल्ड करने और उसके बाद ही मास्टर प्लान लागू करने की मांग की।
अब तक कुल 176 आपत्तियां दर्ज
प्रह्लाद मेहता ने कहा कि नगरवासियों की भावनाओं की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि पहले सरकार नगर क्षेत्र की भूमि को फ्रीहोल्ड करे, ताकि लोगों को अपनी ही जमीन पर मालिकाना हक मिल सके। इसके बाद ही मास्टर प्लान लागू करने पर विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि जनता की आवाज को शासन तक मजबूती से पहुंचाया जाएगा।
मास्टर प्लान के वर्तमान स्वरूप से आम लोगों में गुस्सा
शैलेन्द्र राय ने कहा कि मास्टर प्लान के वर्तमान स्वरूप से आम लोगों में भारी असमंजस और चिंता है। उन्होंने कहा कि यदि बिना जनता की सहमति के इसे लागू किया गया तो लोगों को मकान निर्माण और अन्य विकास कार्यों में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने सरकार से जनभावनाओं का सम्मान करते हुए आपत्तियों पर गंभीरता से विचार करने की मांग की।
नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद वर्मा ने कहा कि नगरवासियों के हित सर्वोपरि हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि नगरवासियों की सभी आपत्तियों और सुझावों को शासन तक मजबूती से रखा जाएगा तथा बिना जनता की राय और सहमति के मास्टर प्लान-2041 लागू नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने लोगों से निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी आपत्तियां दर्ज कराने की भी अपील की।