चम्पावत : जिले को भविष्य में जल संकट से सुरक्षित बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ी पहल शुरू कर दी है। जिलाधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में आयोजित “जल संचय जन भागीदारी अभियान-2026” की बैठक में वर्षा जल के अधिकतम संचयन और भूजल स्तर बढ़ाने के लिए व्यापक कार्ययोजना पर मंथन किया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि जनपद की 127 ग्राम पंचायतों में चाल, खाल, खंती, रिचार्ज पिट, चेकडैम, रेनवाटर हार्वेस्टिंग टैंक और सोख्ता पिट जैसी जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण कराया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार हरेला अभियान के तहत जल संरक्षण को जन आंदोलन का रूप दिया जाएगा और हर नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में “Catch the Rain, Where it Falls, When it Falls” अभियान और जल जीवन मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा हुई। साथ ही बांज, बुरांश, उतीश और पांगर जैसे चौड़ी पत्ती वाले पौधों के बड़े स्तर पर पौधरोपण एवं संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि चंपावत को सकारात्मक जल संचय वाला और पूर्णतः जल सुरक्षित जनपद बनाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार कर तेजी से अमल किया जाएगा। बैठक में चारों विकासखंडों के जनप्रतिनिधियों और ग्राम प्रधानों ने भी अपने सुझाव देते हुए अभियान को सफल बनाने में हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। बैठक का संचालन सहायक परियोजना निदेशक विमी जोशी ने किया।
चम्पावत में जल संकट से निपटने की बड़ी तैयारी, शुरू हुआ ‘जल संचय जन भागीदारी अभियान’…
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