देहरादून के बन्नू मैदान में राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम, बारिश के बीच पहुंचे युवा
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के ऐतिहासिक बन्नू मैदान में ‘छात्रों की गूंज’ संवाद कार्यक्रम का एक भव्य और विशाल आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने शिरकत की और देश के विभिन्न हिस्सों से आए सैकड़ों छात्रों और युवाओं से सीधा संवाद स्थापित किया। कार्यक्रम के दौरान देहरादून और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम काफी खराब रहा और लगातार बारिश की स्थिति बनी रही, लेकिन इसके बावजूद भी कार्यक्रम स्थल पर मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं, स्थानीय नागरिकों और युवा छात्रों के उत्साह में कोई कमी नजर नहीं आई। राहुल गांधी के विचारों को सुनने और अपनी बात उन तक पहुंचाने के लिए युवाओं का हुजूम सुबह से ही मैदान में जुटना शुरू हो गया था। इस कार्यक्रम की खास बात यह रही कि इसमें केवल स्थानीय छात्र ही शामिल नहीं हुए, बल्कि देश के सुदूर राज्यों जैसे महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और हरियाणा से भी छात्र अपनी समस्याओं को लेकर देहरादून पहुंचे थे।
पेपर लीक और रोजगार की अनिश्चितता से टूटता युवाओं का मनोबल
संवाद सत्र के दौरान देश के कोने-कोने से आए छात्रों ने अपनी शैक्षणिक और भविष्य से जुड़ी गंभीर चिंताओं को राहुल गांधी के सामने प्रमुखता से साझा किया। कार्यक्रम में अपनी व्हीलचेयर पर पहुंचे महाराष्ट्र के एक दिव्यांग छात्र संजीत ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि शारीरिक रूप से अक्षम होने के बावजूद उन्होंने कड़े संघर्ष के साथ अपनी मास्टर डिग्री पूरी की है। वह आगे उच्च शिक्षा हासिल कर पीएचडी करना चाहते हैं, लेकिन वर्तमान समय में देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों और परीक्षाओं के रद्द होने से उनका और उनके जैसे लाखों होनहार छात्रों का मनोबल पूरी तरह से टूट रहा है।
इसके साथ ही स्थानीय पार्षदों और कांग्रेस के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने भी इस बात पर जोर दिया कि उत्तराखंड सहित पूरे देश के भीतर पेपर लीक और भर्ती घोटालों ने एक महामारी का रूप ले लिया है। इस गंभीर संकट के कारण युवाओं का भविष्य अंधकार में डूब रहा है और उनकी बरसों की मेहनत पर पानी फिर रहा है। छात्रों का मानना है कि राहुल गांधी द्वारा शुरू की गई यह देशव्यापी मुहिम युवाओं के अधिकारों की रक्षा करने और व्यवस्था में सुधार लाने के लिए एक बेहद जरूरी और सराहनीय कदम है।

कार्यक्रम स्थल के चयन को लेकर सियासी घमासान और प्रशासनिक चुनौतियां
इस बड़े आयोजन की पृष्ठभूमि में स्थानीय स्तर पर काफी राजनीतिक और प्रशासनिक खींचतान भी देखने को मिली। कांग्रेस पार्टी के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के अनुसार, इस भव्य संवाद कार्यक्रम के आयोजन के लिए सबसे पहले देहरादून के मुख्य परेड ग्राउंड मैदान की अनुमति मांगी गई थी। इसके लिए पार्टी की ओर से निर्धारित प्रशासनिक फीस भी समय रहते जमा करा दी गई थी। हालांकि, आखिरी समय में प्रशासन द्वारा परेड ग्राउंड में कार्यक्रम करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया गया।
इस प्रशासनिक अड़चन के बाद कांग्रेस को मजबूरी में इस कार्यक्रम को शहर के मुख्य केंद्र से दूर बन्नू मैदान में स्थानांतरित करना पड़ा। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि कार्यक्रम को प्रभावित करने के उद्देश्य से ऐसा किया गया था। लेकिन इन तमाम प्रशासनिक चुनौतियों, स्थान परिवर्तन और लगातार खराब होते मौसम के बाद भी बन्नू मैदान में युवाओं की भारी और रिकॉर्ड तोड़ भीड़ उमड़ पड़ी। इस विशाल जनसैलाब और युवाओं के भारी समर्थन को कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने राहुल गांधी की आम जनता के बीच बढ़ती लोकप्रियता और वर्तमान व्यवस्था के खिलाफ युवाओं के आक्रोश के एक बड़े प्रतीक के रूप में देखा है।
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