चंपावत : सरकारी कार्यालयों की जवाबदेही और कार्यसंस्कृति को सुधारने के लिए जिलाधिकारी मनीष कुमार ने सोमवार को यूपीसीएल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई गंभीर खामियां सामने आईं, जिस पर डीएम ने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
चंपावत में डीएम ने यूपीसीएल कार्यालय का किया औचक निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान शाम 5 बजे से पहले ही अधिशासी अभियंता सहित छह कर्मचारी कार्यालय से अनुपस्थित मिले। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए जिलाधिकारी ने सभी अनुपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बिना अनुमति कार्यालय छोड़ने वालों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
CM हेल्पलाइन की शिकायतों की समीक्षा भी की
निरीक्षण के दौरान डीएम ने सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों की भी समीक्षा की। इसी दौरान उन्होंने एक शिकायतकर्ता से सीधे फोन पर बात कर उसकी समस्या जानी। शिकायतकर्ता ने बताया कि नवंबर 2025 में उसे 14 हजार रुपये और फरवरी 2026 में 6,075 रुपये का बिजली बिल मिला, जिसका उसने भुगतान कर दिया। इसके बावजूद मार्च और अप्रैल में उसे करीब 88 हजार रुपये का भारी-भरकम बिजली बिल भेज दिया गया। कई बार शिकायत करने के बावजूद विभाग ने कोई समाधान नहीं किया।
शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि प्रथम दृष्टया विभागीय लापरवाही स्पष्ट दिखाई दे रही है। उन्होंने अधिशासी अभियंता को तत्काल स्पष्टीकरण देने, निष्पक्ष जांच कराने और निर्धारित समयसीमा में शिकायत का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीएम ने साफ चेतावनी दी कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही, टालमटोल या उदासीनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनता की समस्याओं का समयबद्ध और संतोषजनक समाधान हर अधिकारी की प्राथमिक जिम्मेदारी है।