नई दिल्ली: बुधवार को लोकसभा में रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिकी व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने त्रिवेणी एक्सप्रेस के दोबारा संचालन को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
मंत्री ने बताया कि फिलहाल बरवाडीह-चोपन रेलखंड पर कुल 28 ट्रेन सेवाएं संचालित हो रही हैं, जिनमें पैसेंजर, एक्सप्रेस और राजधानी जैसी विभिन्न श्रेणियों की ट्रेनें शामिल हैं। इनमें बरवाडीह-चुनार पैसेंजर, भोपाल-धनबाद एक्सप्रेस, रांची-चोपन एक्सप्रेस, हटिया-आनंद विहार एक्सप्रेस और रांची-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनें शामिल हैं। वहीं चोपन-टनकपुर रेलखंड पर वर्तमान में दो जोड़ी ट्रेनें संचालित हैं, जिनमें सिंगरौली-टनकपुर त्रिवेणी एक्सप्रेस और शक्तिनगर-टनकपुर त्रिवेणी एक्सप्रेस शामिल हैं।
समय-सारणी सुधार और सुरक्षा पर फोकस
भारतीय रेलवे ने Indian Railways द्वारा Indian Institute of Technology Bombay के सहयोग से ट्रेनों की समय-सारणी को वैज्ञानिक तरीके से युक्तिसंगत बनाने का काम शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य ट्रेनों की गति बढ़ाना, समयपालन में सुधार करना और अनुरक्षण कार्यों के लिए विशेष ब्लॉक तैयार कर यात्री सुरक्षा को मजबूत करना है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने स्लिप कोच और लिंक ट्रेनों को बंद करने का भी निर्णय लिया है, ताकि चलती ट्रेन में शंटिंग जैसी जोखिमपूर्ण प्रक्रियाओं से बचा जा सके।
तकनीकी पहलुओं पर निर्भर करेगा निर्णय
रेल मंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी नई ट्रेन सेवा की शुरुआत या पुरानी सेवा के पुनः संचालन का निर्णय एक सतत प्रक्रिया है। यह कई तकनीकी और परिचालन कारकों पर निर्भर करता है, जैसे—
- रेलखंड की क्षमता
- पथ (ट्रैक) की उपलब्धता
- कोच और इंजन की उपलब्धता
- आवश्यक अवसंरचना
- अनुरक्षण की जरूरतें
इन्हीं सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए त्रिवेणी एक्सप्रेस के पुनः संचालन पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।