अल्मोड़ा: अल्मोड़ा जिला अस्पताल में ग्रामीणों और कर्मचारियों के बीच विवाद तेज़ हो गया है। हॉस्पिटल कर्मचारियों ने ग्रामीण के खिलाफ अभद्रता और सरकारी कार्य में बाधा डालने को लेकर पुलिस को तहरीर सौंपी थी। वहीँ अब ग्रामीण की ओर से भी कर्मचारियों के खिलाफ मारपीट के मामले में पुलिस को तहरीर सौंपी गई है। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज करजांच शुरू कर दी है।
अल्मोड़ा जिला अस्पताल में कर्मचारियों ओर ग्रामीणों में विवाद
दरअसल, अल्मोड़ा जिला अस्पताल के कर्मचारियों की तरफ से पुलिस एक तहरीर दी गई थी। जिसमें बतया गया कि नरेंद्र सिंह बिष्ट, निवासी ग्राम मटेला, कोसी अल्मोड़ा अपने एक साथी के साथ जिला अस्पताल पहुंचे। जहाँ उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीण नरेंद्र बिष्ट ने पंजीकरण एवं शुल्क कक्ष में तैनात कर्मचारियों के साथ अभद्रता और गाली-गलौज की। इसके साथ ही ग्रामीण ने नकदी काउंटर में हाथ डालने का प्रयास भी किया। कर्मचारियों द्वारा विरोध करने पर ग्रामीण ने मोबाइल से वीडियो बनाकर डराने और धमकाने की कोशिश की।
ग्रामीण पर हॉस्पिटल में उपद्रव मचाने का आरोप
तहरीर में बताया गया है कि ग्रामीण ने कर्मचारियों की छवि धूमिल करने का प्रयास भी किया। इस दौरान अस्पताल में भर्ती मरीजों के तीमारदारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। मामले में प्रेम पंवार और बसंत बल्लभ कांडपाल ढूंगाधारा अल्मोड़ा निवासी की ओर से कोतवाली अल्मोड़ा में तहरीर दी गई। तहरीर में आरोपी नरेंद्र सिंह बिष्ट के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। कर्मचारियों ने कहा है कि अगर इस मामले में उचित दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो जिला चिकित्सालय में कार्यरत कर्मचारी और डॉक्टर्स कार्य बहिष्कार के लिए बाध्य होंगे।
ग्रामीण ने भी कर्मचारियों के खिलाफ तहरीर सौंपी
इसके बाद मामले का दूसरा पक्ष भी समाने आय है। दूसरे पक्ष की तरफ से नरेंद्र सिंह बिष्ट ने भी थाने में तहरीर दी। जिसमें नरेंद्र बिष्ट ने अस्पताल के कर्मचारियों पर मारपीट और अभद्रता किये जाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने दोनों पक्षों की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
थाना कोतवाली प्रभारी योगेश उपाध्याय ने बताया कि
दोनों पक्षों की ओर से तहरीर दी गई थी जिस पर मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की विवेचना एसआई दिनेश परिहार को सौंप दी गई है।जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले की आगे कार्रवाई की जाएगी।



