देहरादून: गुरुकुल नारसन उपसंस्थान में मैसर्स वासू स्टील के मीटर से छेड़छाड़ के गंभीर मामले के सामने आने के बाद उत्तराखंड ऊर्जा निगम ने मामले की जांच और जवाबदेही तय करने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। निगम प्रबंधन ने पूरे प्रकरण की विभागीय जांच कराने का आदेश दिया है ताकि दोषियों को कठोर से कठोर दंड दिया जा सके।
ऊर्जा निगम के प्रबंध निदेशक अनिल कुमार ने बताया कि यह मामला 30 सितंबर को सामने आया, जब उपसंस्थान में मीटर छेड़छाड़ करते हुए कुछ लोगों को रंगे हाथ पकड़ा गया। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए उसी दिन संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ थाना मंगलौर में एफआईआर दर्ज कराई गई। साथ ही, उपनल के माध्यम से कार्यरत एसएसओ अकरम अली को सेवा से हटाने की कार्रवाई भी की गई।
कड़ी कार्रवाई: अधिकारियों का निलंबन
मामले की गंभीरता के मद्देनजर विद्युत वितरण उपखंड मंगलौर के उपखंड अधिकारी अनुभव सैनी और विद्युत वितरण उपखंड लंढौरा के उपखंड अधिकारी गुलशन बुलानी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। दोनों अधिकारियों के निलंबन के दौरान अनुभव सैनी को मुख्य अभियंता (वितरण) कुमाऊं हल्द्वानी कार्यालय से और गुलशन बुलानी को मुख्य अभियंता (वितरण) रुद्रपुर कार्यालय से संबद्ध किया गया है।
ऊर्जा निगम के निदेशक परिचालन एमआर आर्य ने कहा कि प्रदेश भर की सभी प्रयोगशालाओं पर निगरानी कड़ी कर दी गई है ताकि मीटर जांच में पूर्ण पारदर्शिता बनी रहे। यदि रुड़की लैब में किसी वजह से मीटर की जांच नहीं हो पाती है, तो अन्यत्र जांच कराई जाएगी। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि लापरवाही या मिलीभगत करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि निगम की सभी लैब एनएबीएल (नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लैबोरेटरीज) से प्रमाणित हैं। अब अभियंताओं की जवाबदेही तय कर कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी बनाया जाएगा।




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