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टीचिंग शैयेरिंग को लेकर निजी तथा सार्वजनिक विद्यालयों के बीच होगा एमओयू, अपनी बेस्ट प्रैक्टिसेज़ को साझा कर सकेंगे शिक्षक।

देहरादून – आज समग्र शिक्षा के सभागार में विद्यालयी शिक्षा मंत्री डा० धन सिंह रावत की अध्यक्षता में निजी विद्यालयों के साथ बैठक आहूत की गयी। बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के महत्वपूर्ण प्रावधानों को निजी तथा राजकीय विद्यालयों में एक साथ अनिवार्य रूप से लागू किये जाने हेतु शिक्षा मंत्री डा० धन सिंह रावत द्वारा तीन महत्वपूर्ण निर्देश दिये गये।

  • टीचिंग शैयेरिंग को लेकर निजी तथा सार्वजनिक विद्यालयों के बीच एक एम.ओ.यू. हस्ताक्षरित किया जाए, जिसमें निजी तथा राजकीय विद्यालयों के शिक्षक अपनी बेस्ट प्रैक्टिसेज़ को साझा कर सकेंगे।
  • माह में एक दिवस सभी छात्र बिना बस्ते के विद्यालय में आयेंगे और इस दिवस को बस्ता रहित दिवस के रूप में विभिन्न गतिविधि आधारित क्रियाकलापों के साथ आयोजित किया जायेगा।
  • प्रदेश के समस्त निजी तथा राजकीय विद्यालयों में वर्षभर में 10 दिन बस्ता रहित दिवस को अनिवार्य रूप से राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की अनुशंसाओं के अनुरूप संचालित किया जायेगा। इसके साथ ही छात्रों के बस्ते के बोझ अनिवार्य रूप से कम किये जाने के निर्देश दिये गए जो कक्षावार मानकानुसार निर्धारित किये जाएगे।

अध्यक्ष प्रोग्रेसिव स्कूल एसोसिएशन उत्तराखण्ड डॉ० प्रेम कश्यप ने सुझाव दिया कि आसपास के 5 से 10 विद्यालयों का एक समूह विकसित किया जाय जिसमें मानवीय और भौतिक संसाधनों को साझा किया जा सके। उप सचिव, सीबीएससी, देहरादून राजेश कुमार गुप्ता ने सुझाव दिया कि सीबीएससी विद्यालयों के शिक्षकों के साथ यदि राजकीय विद्यालयों के शिक्षक प्रशिक्षण लेना चाहते हैं तो उन्हें सीबीएससी निःशुल्क प्रशिक्षण करायेगी।

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