Homeउत्तराखण्डउत्तरकाशीसिलक्यारा टनल में फंसे मजदूरों को निकालने की कोशिशों में अड़चनें आने...

सिलक्यारा टनल में फंसे मजदूरों को निकालने की कोशिशों में अड़चनें आने के बाद नए सिरे से रेस्क्यू किया जा रहा शुरू।

उत्तरकाशी – उत्तरकाशी की निर्माणाधीन सुरंग में कैद 41 श्रमिक बाहर निकले की उम्मीद लगाए हैं। उन्हें बाहर निकालने की पूरी कोशिशें हो रही हैं लेकिन हर बार मशीन के आगे बाधा आ रही है। रेस्क्यू का आज 15वां दिन है।

सिलक्यारा ऑपरेशन के लिए रेस्क्यू उपकरणों को लेकर रात 12:00 बजे इंडिगो की विशेष फ्लाइट देहरादून एयरपोर्ट पहुंची। सिलक्यारा टनल में फंसे मजदूरों को निकालने की कोशिशों में अड़चनें आने के बाद नए सिरे से रेस्क्यू शुरू किया जा रहा है। जिसके लिए सिलक्यारा में रेस्क्यू उपकरण भिजवाने का कार्य तेज कर दिया गया है। इसके लिए देहरादून एयरपोर्ट पर एक बार फिर हलचले तेज हो गई हैं। इन उपकरणों को पहुंचाने के लिए सेना और दूसरे विमान फिर से आने लगे हैं।

सिल्क्यारा टनल में 16 दिनों से 41 मजदूर जिन्दगी ओर मोत के बीच जंग लड रहे है। रेस्क्यू अभियान में देश की एजेंसियों सहित विदेशी विशेषज्ञों को भी लगाया गया है। 48 मीटर तक ह्यूम पाईप लाईन भी बिछायी गयी है। पर अंतिम छणो मे इस पाईप लाईन के अन्दर ऑर्गन मशीन का ब्लेड टूट जाने से नयी समस्या उत्पन्न हो गयी।

आनन फानन में हैदराबाद से प्लाज्मा कटर मंगवाया गया जिसे देर रात को एयरलिफ्ट कर जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचने के बाद सिलक्यारा टनल लाया गया है। इसके साथ ही बीएसएनएल ने भी फंसे मजदूरों तक लैंडलाइन की सुविधा दे दी है। बचाव एजेंसियों ने टनल के ऊपर वर्टिकल ड्रिलिंग के लिए प्लेटफार्म तैयार कर लिया है हालांकि वर्टिकल ड्रिलिंग में समय लग सकता है पर बचाव दल को विश्वास है कि यह प्रयास सफल होगा साथ ही प्लाज्मा कटर से ऑर्गन  मशीन के फंसे कटर को काटने का का काम किया जायेगा अगर ऑर्गन मशीन का कटर जल्दी काट लिया जाएगा तो बाकी बचे 9 मीटर पर मैनुअल तरीके से पाइप बिछाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी अगर सब सही रहा तो दो से तीन दिन में सभी मजदूर टनल से बाहर होंगे फिलहाल सभी मजदूर सुरक्षित एवं स्वास्थ्य है

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments