टूटा तटबन्ध बना परेशानी, 5000 बीघा कृषि योग्य भूमि समाई नीलधारा गंगा की आगोश में।

हरिद्वार/लक्सर – लक्सर के खानपुर क्षेत्र के कलसिया डूमनपुरी गांव के पास बीते 2017 में आई बाढ़ के दौरान नीलधारा गंगा का तटबन्ध टूट गया था। जिससे किसानों की लगभग 5000 बीघा कृषि योग्य भूमि नीलधारा गंगा की आगोश में समा गई।

तब से लेकर आज तक इस टूटे हुए तटबन्ध की मरम्मत नही की गई है और 5 वर्ष बाद भी किसान इस समस्या को झेल रहै है। मानसून सत्र शुरू होने में कुछ ही समय बचा है लेकिन इस तटबंध का निर्माण नहीं हो सका।

किसानों ने बताया कि इसमें हमारी लगभग 5000 बीघा भूमि गंगा में तब्दील हो गई। जमीन तो नहीं निकली लेकिन सरकार ने इस टूटे तटबंध का पुनः निर्माण भी नहीं कराया। हम पिछले 5 वर्षों से इस समस्या को झेल रहे हैं, लेकिन शासन प्रशासन क्षेत्रीय जनप्रतिनिधी किसी का भी इस ओर कोई ध्यान नहीं है। लोगों ने इस बात की चिंता जताई मानसून सत्र शुरू होने में कुछ ही समय बचा है हमारे हालात बद से बदतर हैं लेकिन कोई भी हमारी सुध लेने नहीं आया।

किसी को भी हमारी समस्याओं से कोई सरोकार नही किसी को नही लगता कि खानपुर विधानसभा में नीलधारा गंगा के टूटे तटबंध की मरम्मत कराई जाए। जिससे आम आदमी के सामने खड़ी समस्याओं का निराकरण हो सके। इन लोगों ने कहा कि अधिकारी आते हैं बड़े-बड़े दावे करते हैं और चले जाते हैं हमें इस बार भी बाढ़ का दंश झेलना पड़ेगा।

किसानों की इस अहम समस्या को लेकर लक्सर उपजिलाधिकारी ने कहा कि मेरे द्वारा इस जगह का स्थलीय निरीक्षण किया गया है। समस्या वास्तव में बड़ी विकट है। मेरे द्वारा सिंचाई विभाग के अधिकारियों से भी बात की गई है साथ ही निर्देश दिए गए है की आपदा आने से पहले यथा सम्भव कार्य पूरे लिए जाएं। जहां तटबन्ध टूटा है उसे अस्थायी रूप से तैयार किया जाए जिससे बरसात के मौसम में अगर आपदा आती है तो लोगो को बाढ़ का कष्ट न झेलना पड़े।

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