देहरादून। उत्तरांचल उत्थान परिषद आगामी 9 सितंबर को हिमालय दिवस 2018 का आयोजन कर रहा है। इस पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया है। जिसका विषय है ‘वर्तमान चुनौतियां और समाधान। सोमवार को जानकारी देते हुए बताया कि आयोजन संस्था के प्रतिनिधि रमेश सेमवाल ने बताया कि देवतात्मा हिमालय हमारी प्राचीन संस्कृति एवं अध्यात्मिक चेतना की विरासत है। भारत सहित नेपाल, भूटान, तिब्बत, सिक्किम, पाकिस्तान, अफगानिस्तार, बांग्लादेश आदि सभी देशों के लिए हिमालय ईश्वरीय वरदान है। देवभूमि उत्तराखंड पवित्र हिमालय की गोद में बसा एक विकासमान प्रदेश है। इस प्रदेश को हिमालयी परिवेश से शुद्ध पर्यावरण, जैव विविधता, वन, जल, औषधियों का भंडार तथा पोषाहार प्राप्त होता है।
यह सच है भोगवादी प्रवृत्ति के कारण देवभूमि हिमालय के अस्तित्व पर संकट है जिसका समाधान आज की आवश्यकता है। इसी संदर्भ में आयोजित संगोष्ठी के मुख्य अतिथि उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद हरिद्वार डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. सुचिस्मिता पांडे सदस्य सचिव खाद्य आयोग उत्तराखंड तथा वक्ताओं में सुरेखा डंगवाल, डॉ. नवीन आनंद, वीरेंद्र पैन्यूली तथा नीरज पोखरियाल होंगे। यह आयोजन विवेकानंद सीनियर सेंकेंडरी स्कूल हरिद्वार रोड जोगीवाला में आयोजित किया गया है। कार्यक्रम में संस्था के अध्यक्ष प्रेम बड़ाकोटी के प्रेरक विचार सुनने को मिलेंगे। श्री सेमवाल ने हिमालय प्रेमियों से संगोष्ठी का लाभ उठाने का अग्रह किया।
