सुगम-दुर्गम स्थानान्तरण नीति बनी, स्थानान्तरण शीघ्र

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने स्थानान्तरण के लिए सुगम-दुर्गम क्षेत्रों का निर्धारण कर दिया है। प्रदेश के सभी 13 जनपदों में कुछ जनपदों को सुगम तथा कुछ को दुर्गम माना गया है। सुगम जनपदों में राजधानी देहरादून के साथ-साथ हरिद्वार, टिहरी तथा कुमाऊं के ऊधमसिंह नगर, नैनीताल व अल्मोड़ा जनपद शामिल है। इसी प्रकार गढ़वाल के पौड़ी, उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग को दुर्गम तथा कुमाऊं के पिथौरागढ़, बागेश्वर और चंपावत को दुर्गम जनपद माना गया है।
शासन ने इसी नीति के अनुसार स्थानान्तरण एक्ट के अनुसार स्थानान्तरण करने का आदेश दिया है। इन जनपदों में भी सुगम-दुर्गम का निर्धारण किया जाएगा और तीन श्रेणियों में बांटा जाएगा। पहली श्रेणी में ग्राम स्तर से मुख्यालय स्तर के कार्मिक शामिल है। दूसरी श्रेणी मंडल स्तर के कर्मचारियों की है तथा तीसरी श्रेणी उनकी है जिनमे स्थानान्तरण राज्य भर में होते हैं।
प्रदेश शासन की प्रमुख सचिव कार्मिक राधा रतूड़ी ने तीसरी श्रेणी के कार्मिकों के लिए सुगम-दुर्गम निर्धारित करने के बाद ही स्थानान्तरण के निर्देश दिए हैं। शिक्षा विभाग जो सबसे बड़ा विभाग है वहां विद्यालयों के सुगम और दुर्गम के निर्धारण का कार्य पूरा नहीं हो पाया है, इसके लिए अवधि बढ़ाने की मांग विभाग की ओर से की गई है।

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