
देहरादून।भारतीय सैनिक, देश का गौरव हैं। हम सभी को अपने सैनिकों की बहादुरी पर नाज है। सैनिक बनकर देश सेवा करना पुण्य का काम है। मुख्यमंत्री रानीखेत के सोमनाथ मैदान में आयोजित भारतीय सेना की कसम परेड़ के अवसर पर सम्बोधित कर रहे थे। इस शपथ ग्रहण समारोह में कठिन प्रशिक्षण प्राप्त कर कुमाऊं रेजीमेंट में 155 आरक्षी सेना में शामिल हो गए हैं। रानीखेत के सोमनाथ मैदान में आयोजित शपथ परेड में प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने सैनिकों का उत्साहवर्धन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय सेना के कुमाऊं और नागा रजिमेंट के गौरवशाली इतिहास में एक अध्याय और जुड़ गया है। देेशभक्ति से परिपूर्ण बैंड की धुन पर कदमताल करते सैनिकों अनुशासन देखते ही बनता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे सैनिकों ने हमेशा ही एकता अखण्डता को बनाये रखने के लिये सीमाओं के सजग प्रहरी के रूप में काम किया। सैनिक बनकर देश सेवा करना एक पुण्य का काम है। उन्होंने जवानों को सम्बोधित करते हुये कहा कि जिस कठिन परिश्रम के साथ आप लोगों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया उसी कडी मेहनत से काम कर देश सेवा के लिये तत्पर रहकर काम करना होगा।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने बताया कि उनके पिता स्व. प्रताप सिंह रावत भी सैनिक थे। इसी कारण वे भी सेना की गौरवशाली परंपरा से वाकिफ है। देवभूमि के सैनिकों ने अपने त्याग और साहस के बल पर प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है।
सोमनाथ मैदान में 155 भारतीय सेना के जवानों की कसम परेड़ आयोजित की गई। जिसमें 67 जवान उत्तराखण्ड के थे, शेष 88 जवान महाराष्ट्र, बिहार, दिल्ली, उत्तर प्रदेश,हरियाणा, राजस्थान व अन्य राज्यों के थे। इस समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले रिक्रूट को विशेष मेडल से सम्मानित किया गया। जिनमें महेश ऐरी, रोहित चिलवाल, प्रदीप मेहरा, विशाल सिंह, अतुल जोशी, रमेश कुमार, पंकज सिंह सम्मिलित थे। धर्मगुरू गणेश दत्त जोशी सहित अन्य सहयोगियों ने राष्ट्रीय ध्वज व गीता को साक्षी मानकर नव प्रशिक्षुओं को शपथ दिलायी।



