Saturday, February 28, 2026
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सामाजिक सांस्कृतिक सौहार्द और मिलन के केन्द्र होते मेले!

कुलदीप राणा , रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड का राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजति होने वाला मंदाकिनी शरदोत्सव एवं कृषि औद्योगिक विकास मेले का रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ समापन हो गया है। पांच दिवसीय इस मेले में जहां स्थानीय उत्पादों की धूम रही वहीं कृषि उपकरों की किसानों ने खूब खरीदारी की। समापन अवसर पर विभिन्न विद्यालयों द्वारा सांस्कृतिक एवं खेलों में प्रतिभाग करने वाले छात्रों को भी सम्मानित कर प्रमाण पत्र दिया गया। हर साल की भांति लक्की ड्रा कूपन के विजेता को बाईक तथा उप विजेता को स्कूटी ईनाम स्वरूप प्रदान की गई। मेले कमेटी के अध्यक्ष अशोक खत्री ने कहा मेले सामाजिक सांस्कृतिक और मिलन के केन्द्र होते हैं! उन्होने कहा कि यह मेला सीमित संसाधनों में आयोजित किया गया किन्तु उसके बाद भी यह सफल रहा। वर्ष 2013 की आपदा के बाद जहां मेले से स्थानीय उत्पाद गायब दिख रहे थे वहीं मादाकिनी घाटी के लोगों की जीवटंता ने फिर से उठ खड़ा होकर अपनी खेतों से जुड़े और उसी का परिणाम है कि आज स्थानीय उत्पाद गोदा, झंगोरा, सोयाबीन, गहत, तोर आदि मेले से लोगों ने खरीदे।

 

 

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