
देहरादून। उत्तराखंड सरकार के मंत्री और पदाधिकारी सामाजिक समरसता बनाने के लिए दलित परिवारों के आवास पर लगातार भोजन कर रहे हैं जो सामाजिक समरसता का प्रमुख कारण माना जा रहा है। लेकिन राजनीतिक जानकारों का कहना है कि दलित परिवारों को अपने घर भोजन न कराना किसी सोची-समझी साजिश का हिस्सा है। लोगों का कहना है कि दलितों को अपने घर भोजन कराने के लिए क्यों नहीं बुलाया जाता। जो सही मायने में समरसता का प्रतीक होगा।
उत्तराखंड सरकार के प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने इसी कड़ी में गुरुवार रात चकराता के एक दलित परिवार में खाना खाने पहुंच गये। देहरादून जिले के चकराता में पड़ने वाले हाजा गांव में मदन कौशिक ने खाना खाया। उन्होंने कागज की प्लेट में नमकीन और बिस्किट भी खाए।


