
बड़ी खबर : प्रदेश के शिक्षा मंत्री अरविन्द्र पांडेय ने कहा है की प्रदेश सरकार ने संस्कृत को बढ़ावा देने की पहल करते हुए विद्यालयी शिक्षा में कक्षा 1 से लेकर 8 तक संस्कृत अनिवार्य करने का निर्णय लिया है जबकि कक्षा 9 से 12-वी तक संस्कृत को ऐच्छिक विषय रखा गया है.
देहरादून विधानसभा में आयोजित पत्रकारवार्ता में उन्होंने बताया की संस्कृत प्रदेश की दूसरी राजभाषा है लेकिन अभी तक संस्कृत को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की गई थी… इस लिए प्रदेश सरकार ने संस्कृत को बढ़ावा देने की पहल करते हुए विद्यालयी शिक्षा में योग शिक्षा के लिए संस्कृत को अनिवार्य कर दिया है. उन्होंने कहा कि अंतराष्ट्रीय योग दिवस मनाना देश की बड़ी उपलब्धि है और योग शिक्षा के साथ अपनी भाषा को विदेशो तक पहुँचाना भी जरुरी है, इस लिए सरकार ने गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में एक-एक संस्कृत आवासीय विद्यालय खोलने का भी फैसला लिया है.



