विदेश सचिव विजय गोखले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई वार्ता को लेकर प्रेस कांफ्रेस की। गोखले ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच 90 मिनट तक वन टू वन बैठक हुई। दोनों नेताओं के बीच छह घंटे वन टू वन बातचीत हुई। गोखले ने कहा, ‘जिनपिंग ने भव्य स्वागत के लिए धन्यवाद कहा। दोनों देशों के बीच व्यापार पर चर्चा हुई। जिनपिंग ने अपने दौरे को यादगार बताया। भारत-चीन के बीच आगे भी अनौपचारिक बातचीत होती रहेगी। अगले साल दोस्ती के 70 साल होंगे। इस मौके पर 70 कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिनपिंग ने प्रधानमंत्री को चीन आने का न्योता दिया जिसे प्रधानमंत्री ने स्वीकार कर लिया है।’ गोखले ने कहा, ‘अगली अनौपचारिक बैठक चीन में होगी। व्यापार, निवेश और सेवाओं पर चर्चा के लिए एक नए तंत्र की स्थापना की जाएगी। चीन का प्रतिनिधित्व जहां वाइस प्रीमियर हु चुन्हुआ करेंगे तो भारत का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री निर्मला सीतारम करेंगी। अब जनता के बीच संबंधों पर ध्यान दिया जाएगा। यह तय किया गया कि दोनों देशों की जनता को इस रिश्ते में लाया जाएगा। इसे लेकर विचारों का आदान-प्रदान किया गया।’



