पाकिस्तान द्वारा भारत से राजनयिक संबंध तोड़ने पर विदेश मंत्रालय ने कड़ा एतराज जताया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि अनुच्छेद 370 से संबंधित हालिया घटनाक्रम पूरी तरह से भारत का आंतरिक मामला है। भारत के संविधान के अनुसार यह हमेशा से संप्रभु मामला था और रहेगा। पाकिस्तान का भारत के अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप करने की कोशिशें कभी कामयाब नहीं होंगी। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि हमने रिपोर्ट देखी है कि पाकिस्तान ने भारत के साथ अपने राजनयिक संबंधों पर कुछ एकतरफा कार्रवाई करने का फैसला किया है। जिसमें हमारे राजनयिक संबंधों को कमतर करना भी शामिल है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि जम्मू कश्मीर पर भारत का फैसला लोगों को विकास के अवसर दिए जाने की प्रतिबद्धता से प्रेरित है जिससे उन्हें पहले वंचित रखा गया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं कि जम्मू-कश्मीर में की गई कोई भी विकासात्मक पहल को पाकिस्तान में अच्छे नजरिए से नहीं देखा जाएगा। उसने सीमापार आतंकवाद फैलाने की कोशिशों को सही ठहराने के लिए ऐसी भावनाओं का उपयोग किया है। लेकिन ये कोशिशें कभी कामयाब नहीं होंगी।



