
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि उत्तर प्रदेश मंे सरकार विकासवाद से चल रही है, भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद से नहीं। आज उत्तर प्रदेश में जनता को योजनाओं का सीधा लाभ मिल रहा है, क्योंकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी कड़ी मेहनत कर रहे हैं। प्रदेश में नये-नये उद्योगों का निवेश हो रहा है, रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं।
प्रधानमंत्री जनपद वाराणसी के भ्रमण के अवसर पर बी0एच0यू0 के आई0आई0टी0 ग्राउण्ड में आयोजित एक कार्यक्रम में 1,583 करोड़ रुपये की कुुल लागत की 283 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करने के पश्चात अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। प्रधानमंत्री जी द्वारा 744 करोड़ रुपये की 78 परियोजनाओं का लोकार्पण तथा 839 करोड़ रुपये की 205 परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में कानून का राज है। माफियाराज और आतंकवाद, जो कभी बेकाबू हो रहे थे, उन पर अब कानून का शिकंजा है। बहनों-बेटियों की सुरक्षा को लेकर माँ-बाप हमेशा जिस तरह डर और आशंकाओं में जीते थे, वो स्थिति भी बदली है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दुनिया के बड़े-बड़े निवेशक आत्मनिर्भर भारत अभियान के महायज्ञ से जुड़ रहे हैं। इसमंे उत्तर प्रदेश आज देश के अग्रणी इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है। कुछ साल पहले तक जिस प्रदेश में व्यापार-कारोबार करना मुश्किल माना जाता था, आज ‘मेक इन इंडिया’ के लिए उत्तर प्रदेश पसंदीदा जगह बन रहा है। इसकी वजह है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की सरकार का इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस एवं औद्योगिक कलस्टर का निर्माण। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में हुए विकास कार्याें की सूची इतनी लंबी है कि वक्त की कमी के चलते उन्हें सोचना पड़ता है कि कौन सी योजनाओं की चर्चा करें और किन्हें छोड़ दें।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत हमारी खेती से इंफ्रास्ट्रक्चर और कृषि आधारित उद्योगों की बड़ी भूमिका होने वाली है। केन्द्र सरकार ने कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर के सशक्तिकरण के लिए बड़ा फैसला लिया है। देश में आधुनिक कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 01 लाख करोड़ रुपये का विशेष फण्ड बनाया गया है, जिसका लाभ देश की कृषि मण्डियों के तंत्र को सुविधाजनक बनाने, सरकारी खरीद से जुड़े सिस्टम को बेहतर करने में किया जाएगा, जिससे किसानों को लाभ मिलेगा।

वाराणसी में स्थित पेरीशेबल कारगो सेन्टर, इण्टरनेशनल राइस सेन्टर के अलावा अनेक आधुनिक सेवाएं किसानों के हितों में काम रही है। उन्होंने कहा कि आज जिस मैंगो एण्ड वैजिटेबल इण्टीग्रेटेड पैक्ड हाउस का शिलान्यास किया गया है, वह इस क्षेत्र को एग्री एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित करने में मदद करेगा। ऐसे ही प्रयासों के कारण बनारसी लंगड़ा आम यूरोप से लेकर खाड़ी देशों तक अपनी मिठास फैला रहा है। इससे विशेष रूप से छोटे किसानों, जो फल सब्जी उगाते हैं उनको अधिक लाभ होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते कुछ महीने हम सभी के लिए बहुत मुश्किल भरे रहे हैं। कोरोना वायरस के बदले हुए और खतरनाक रूप ने पूरी ताकत के साथ हमला किया था। लेकिन वाराणसी और उत्तर प्रदेश ने इसका मुकाबला किया। उत्तर प्रदेश ने अपनी पूरी सामर्थ्य के साथ इस संकट का मुकाबला किया। उत्तर प्रदेश की आबादी दुनिया के कई बड़े देशों से भी ज्यादा है, उसी राज्य ने कोरोना की दूसरी लहर को बेहतर ढंग से संभाला है। यू0पी0 के लोगों ने वह दौर भी देखा है, जब दिमागी बुखार का सामना करने में मुश्किल आती थीं। पहले के दौर में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और इच्छा शक्ति के अभाव में छोटे संकट भी बड़े लगते थे। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के दौरान भी काशी ने दिखा दिया कि वो रुकती नहीं है, काशी थकती नहीं है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कोरोना के सबसे ज्यादा टेस्ट हुए हैं। कोविड-19 के सबसे अधिक टीके भी उत्तर प्रदेश में ही लगे हैं। ‘सबको वैक्सीन, मुफ्त वैक्सीन’ अभियान के माध्यम से गरीब, मध्यम वर्ग, किसान, नौजवान आदि सभी को मुफ्त वैक्सीन लगायी जा रही है। उत्तर प्रदेश में मेडिकल कॉलेज की संख्या 04 वर्ष पूर्व दर्जन भर हुआ करती थी, वहीं अब उनकी संख्या चार गुनी हो गई है। साढ़े पांच सौ से अधिक ऑक्सीजन प्लांट प्रदेश में लगाए जा रहे हैं। आज वाराणसी में ही 14 प्लांट की शुरुआत हो गई है। कोरोना से जुड़ी नयी स्वास्थ्य सुविधाओं के निर्माण के लिए हाल ही में केन्द्र सरकार द्वारा 23 हजार करोड़ रुपये का विशेष पैकेज घोषित किया गया है। इस पैकेज से भी उत्तर प्रदेश को लाभ मिलेगा।



