प्रतिकूल प्रविष्टि पर कर्मचारी नाराज, आंदोलन का मन बनाया

देहरादून। यदि आप सरकारी कर्मचारी है तो बड़ी सतर्कता और सावधानी से काम करना होगा। आपकी वार्षिक चरित्र पंजिका में प्रतिकूल टिप्पणी होने पर पांच वर्षों तक प्रोन्नति की प्रतीक्षा करनी होंगी। पहले किसी कर्मचारी के चरित्र पर संदेह होने की स्थिति में प्रतिकूल प्रविष्टि होने पर एक वर्ष की प्रतीक्षा करनी पड़ती थी। अब राज्य के तहत आने वाली सेवाओं के पदोन्नति के लिए की गई संशोधन नियमावली को सरकार की ओर से हरी झंड़ी मिल गई लेकिन सरकारी कर्मचारी नाराज है।
जानकारी देते हुए राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष ठा. प्रह्लाद सिंह का कहना है कि अब संशोधन नियमावली में प्रतिकूल शब्द भी जोड़ दिया गया है। श्री सिंह का कहना है कि इस बात की जानकारी सरकारी प्रवक्ता नगर विकास मंत्री मदन कौशिक द्वारा दी गई है जो कर्मचारी विरोधी है। अब जिस भी कर्मचारी के एसीआर में प्रतिकूल टिपण्णी की गई होगी उसे अपने प्रमोशन के लिए 5 वर्षों तक इंतजार करना पड़ेगा। सरकार के इस फैसले के बाद सरकारी कर्मचारियों में काफी नाराजगी है। कर्मचारी संगठन से प्रदेश सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें दबाने का प्रयास किया जा रहा है। ठाकुर प्रह्लाद सिंह का कहना है कि अब कर्मचारी इस प्रकरण पर लड़ाई लड़ने का मन बना रहे हैं। उनका मानना है कि सरकार की मंशा ठीक नहीं है।

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