पेयजल निगम बना भ्रष्टाचार का घर, इंजीनियर धरने पर

देहरादून। उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स इन दिनों नाराज चल रहे हंै, जिसके कारण उन्होंने धरना, प्रदर्शन जैसा लोकतांत्रिक अधिकार अपनाना शुरू कर दिया है। पेयजल निगम में समस्याओं का निस्तारण होने से नाराज इन अभियंताओं ने उत्तराखंड पेयजल निगम के प्रबंध निदेशक को ज्ञापन देकर अपनी मांगे पूरी करने का आग्रह किया है। इन्हीं मांगों को लेकर प्रधान कार्यालय प्रांगण में एक दिवसीय धरना भी दिया गया था, लेकिन शासन समस्याओं का कोई निदान नहीं किया जिसके कारण यह नाराजगी और अधिक बढ़ गई। अब जल निगम इंजीनयर संघ की नाराजगी इतनी बढ़ गई है कि उन्होंने पुन: धरना प्रारंभ कर दिया है। केंद्रीय कार्यकारिणी की इसी संदर्भ में एक बैठक आहूत की गई जिसमें निर्णय लिया गया था कि यदि प्रशासन ने समस्याओं को सुलझाता तो 23 अप्रैल से जनपदवार धरना प्रारंभ किया जाएगा। इसी क्रम में अभियंता धरने पर बैठ गए। तीसरे चरण के आंदोलन के अनुसार15 मई से प्रदेश व्यापी हड़ताल का आह़्वान किया गया है।

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