
देहरादून। भले ही मृत्युंजय मिश्रा ने आयुर्वेद विश्वविद्यालय का कार्यभार छोड़ दिया है। लेकिन उन पर आरोपों की बौछार कम नहीं हो रही है। अब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर आयुर्वेद विश्वविद्यालय के पूर्व कुलसचिव पर कड़ी कार्यवाही करने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि कुलसचिव पर छात्र उत्पीड़न सहित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लग चुके हैं। लेकिन अब फिर से उन्हें कुलसचिव बनाए जाने की खबरे सुनने में आ रही है। कहा कि उक्त अधिकारी को प्रदेश की समस्त शिक्षण संस्थाओं से दूर रखा जाना चाहिए। वहीं पिछले पांच वर्षो में आयुर्वेद विश्वविद्यालय में हुई सामान की खरीद फरोख्त और निर्माण कार्यो की सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए। ज्ञापन देने वालों में एबीवीपी के जिला संयोजक मोहित चौहान, शिव चौधरी, तरुण चौहान, आदित्य गौड और योगेश विद्यार्थी आदि शामिल रहे।




