
देहरादून। भले ही राजधानी और आसपास दलित समाज के लोगों की संख्या कम हो पर भारत बंद के तहत समाज के लोगों ने सड़कों को निशाना बनाया है और भारी संख्या में सड़कों पर उतर गए, जिसके कारण पुलिस केा लाठीचार्ज करना पड़ा है। यह लाठीचार्ज हरिद्वार जनपद में हुआ है।
राजधानी देहरादून में भी यही स्थिति है, जहां जन सैलाब कुछ क्षेत्रों में सड़कों पर उतरा है, जिसके कारण स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई थी। घंटाघर के आसपास के क्षेत्र में जाम नजर आए और तनाव के कारण पलटन बाजार के दुकानदारों ने अपनी दुकाने बंद कर दी। स्थिति पर पुलिस प्रशासन नजर रखे हुए है।
एससी-एसटी उत्पीड़न प्रतिरोधक कानून को लेकर देशव्यापी बंद के आह्वान किया गया है। इस आह्वान के तहत हरिद्वार के बहादराबाद में करीब 120 गांवों से दलित समाज के लोग सड़कों पर उतर आए हैं। इन लोगों ने समता दल और भीम आर्मी का बैनर लेकर धरना प्रदर्शन प्रारंभ कर दिया है। इन बंद समर्थकों को कांग्रेस समेत कई दल समर्थन दे रहे हैं ताकि कानून व्यवस्था की स्थिति खराब हो और सरकार की साख पर बट्टा लगे।
करीब दो से ढाई हजार लोगों के सड़क उतरने से हरिद्वार मार्ग पूरी तरह जाम हो गया था। सुबह करीब दस बजे से ग्रामीण धरने पर बैठे हुए थे। प्रदर्शनकारियों में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। करीब 12 बजे एसएसपी प्रदर्शनकारियों पर वार्ता करने मौके पर पहुंचे।
बताया जा रहा है कि एसएसपी के दस्ते में शामिल ब्लैक कमांडों ने भीड़ पर काबू करने के लिए कुछ लोगों पीछे करना शुरू किया। इस दौरान लोगों पर हल्का बल प्रयोग किया गया। इस बीच लोगों में अफवाह फैल गयी कि पुलिस ने लाठीचार्ज शुरू कर दिया है। इससे भगदड़ मच गयी। आरोप है कि पीछे कुछ लोगों ने पुलिस के ऊपर पथराव शुरू कर दिया। देखते ही देखते भीड़ बेकाबू होने लगे। मौके पर पहुंची पुलिस फोर्स ने लाठीचार्ज शुरू कर दिया। पुलिस प्रदर्शनकारियों ने पकड़-पकड़ कर पीटा। इस दौरान कई लोगों के घायल होने की सूचना है। पुलिस के लाठी भांजने के बाद प्रदर्शनकारी वहां से भाग खड़े हुए। मौके पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। बड़ी संख्या में फोर्स तैनात की गयी है।




