
देहरादून। ‘पुलिस और ईमानदारी क्या ढूंढ रहे श्रीमान, सरदारों के मोहल्ले में नाई की दुकान।’ हास्य कवि हुक्का बिजनौरी की यह पंक्ति भले ही बेईमान पुलिसवालों के लिए लिखी गई हो लेकिन पुलिस में भी ईमानदारी जिन्दा है, इसका प्रमाण चीता पुलिस है जिसने दो लाख रुपये लौटा कर अपनी ईमानदारी की मिसाल दी। यह थाना ऋषिकेश के कांस्टेबल मोनू कुमार और सुरजीत सिंह।
उपरोक्त दोनों आरक्षियों को सूचना प्राप्त हुई कि सांई घाट ऋषिकेश में एक व्यक्ति बेहोशी की हालत में पड़ा है। इस सूचना पर दोनों आरक्षी अविलम्ब मौके पर पंहुचे तो देखा कि एक व्यक्ति सांई घाट पर बेहोश पड़ा है, जिसके पास में ही एक बैग भी है। दोनो आरक्षियों ने बेहोश पड़े व्यक्ति को राजकीय चिकित्सालय में उपचार हेतु भर्ती कराया गया। बेहोश व्यक्ति के पास मिले बैग की तलाशी लेने पर इसमें 2 लाख रूपये मिले। बेहोश व्यक्ति नेपाली मूल का है, जिसके बैग व पास से कोई आईडी प्राप्त नही हुई। उक्त व्यक्ति के होश में आने पर उसने अपना नाम कमल बहादुर पुत्र पदम बहादुर निवासी खाती गांव, जिला तेली भेरी आंचल नेपाल हाल निवासी चिन्यालीसौड़ उत्तरकाशी बताया। इसने बताया कि यह रूपये मैं ठेकेदार से लेकर लेवर को देने के लिये लाया था।



