‘फाइल फोटो’बड़ी खबर : राजधानी देहरादून के बहुचर्चित अनुपमा हत्या कांड में आज दोपहर बाद कोर्ट से फैसला आ सकता है जिस पर न केवल मृतक अनुपमा गुलाटी के परिजनों की नहीं बल्कि देश भर के लोगो की नजर बनी हुई है कि आखिर अपनी ही पत्नी की इतनी बेरहमी से हत्या कर शव को ठिकाने लगाने के लिए कई टुकड़े करने वाले पति राजेश गुलाटी को कोर्ट क्या सजा सुनाती है ,.. दरसल देहरादून निवासी सॉफ्टवेयर इंजिनियर राजेश गुलाटी ने बहुत ही शातिराना अंदाज में अपने ही घर मे अपनी पत्नी अनुपमा गुलाटी की हत्या कर दी गई थी बल्कि हत्या के बाद भी उसके शरीर के 72 टुकड़े कर कर ड्रिप-फ्रिज में रख दिया गया था और फिर धीरे धीरे पति अपनी पत्नी के टुकड़ों के जंगल मे फेंका करता था आज इस केस के फैसले का देहरादून को ही नही बल्कि मृतक अनुपमा के परिजनों को भी फैसले का इंतजार है कि आखिर उस पति को अदालत क्या सजा सुनाएगी। आज दोपहर बाद आज एडीजे पंचम देहरादून कोर्ट आज फैसला सुनाएगी

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देहरादून का यह मामला 2010 में सुर्खियों में आया था जब प्रेमी से बना पति और पति से कातिल बन गया था आपको बता दे कि यह घटना 12 दिसम्बर 2010 में सामने आई थी जिसे आज भी दूनवासी भूल नहीं सके है यह घटना इसलिए भी दिल दहला देने वाली है क्यों कि राजेश गुलाटी ने न सिर्फ इंसानियत की हत्या की थी बल्कि रश्तो का भी बेरहमी से कत्ल किया गया था जिसे सुन आज भी लोगो के रोंगटे खड़े कर देता है… अनुपमा ने राजेश गुलाटी के साथ अपने माता पिता के खिलाफ जाकर प्रेम विवाह किया था ….कुछ दिन सामान्य चलने के बाद फिर वैवाहिक जीवन मे एक बार शक का जहर घुलने लगा और घर मे आये दिन लड़ाई झगड़ा होने लगा, शादी के बाद राजेश गुलाटी और पत्नी अनुपमा के दूसरे पर शक करने लगे जिसके बाद दोनों में विवाद बढ़ता गया हालाँकि परिवार वालो के हस्तक्षेप के बाद दोनों में समझौता हो गया और वो देहरादून आकर प्रकाशनगर में किराये के मकान में रहने लगे कुछ दिन सामान्य चलने के बाद फिर वैवाहिक जीवन मे एक बार शक का जहर घुलने लगा और घर मे आये दिन लड़ाई झगड़ा होने लगा, लेकिन वो 10 अक्टूबर 2010 का वो दिन सायद ही कोई भुला पायेगा जिस दिन राजेश और अनुपमा में झगड़ा हुआ और राजेश गुलाटी ने अनुपमा की हत्या कर दी,जिसके बाद पेशे से इंजीनियर राजेश गुलाटी ने अपनी पत्नी के शव को ठिकाने लगाने के लिए अपने इंजीनियर दिमाग का इस्तेमाल किया और डीप फ्रीजर में दो महीने तक शव को संभाले रखा जिसके छोटे छोटे टुकड़े कर धीरे धीरे ठिकाने लगता रहा…..
‘फाइल फोटो’वही जब 2 महीने का वख्त बीत गया और अनुपमा के घरवालों का अनुपमा से कोई संपर्क नही हुआ तो भाई सुजान प्रधान 12 दिसम्बर को दून पहुंचा और राजेश से अनुपमा के बारे में पूछा तो उसने कह दिया कि वो तो कल ही दिल्ली अपने मायके चली गई है शक होने सुजान प्रधान अनुपमा का भाई पुलिस को लेकर फ्लेट में पहुंचा और पुलिस ने छानबीन शुरू की तो पुलिस ने भी जो देखा उसे देख पुलिस के भी होश उड़ गए ,जी हाँ घर मे रखे डीप फ्रीजर में अनुपमा का शव कई टुकड़ो में पड़ा था जिन टुकड़ो को राजेश मौका देख धीरे धीरे ठिकाने लगा रहा था..



