देहरादून- निकाय चुनाव परिणाम के बाद मेयर से लेकर पार्षद और पंचायत सदस्य तक मतदान में हुई धांधली और मतगणना में हुई गड़बड़ियों के मुद्दे को लेकर निर्वाचन आयोग में शिकायत कर रहे है। उनका कहना है कि अगर उनकी सुनवाई नहीं हुई तो वह अदालत का दरवाजा खटखटायेंगे।
कोटद्वार और पौड़ी में मेयर तथा अध्यक्ष पद को लेकर हुए चुनाव में धांधली की शिकायतें निर्वाचन आयोग तक पहुंची है। कोटद्वार मेयर सीट जिस पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की है यहंा से निर्दलीय चुनाव लड़ने वाली एक प्रत्याशी का कहना है कि इस सीट पर जितने मतान्तर 3467 से कांग्रेस ने जीत हासिल की है उससे अधिक 3485 मतपत्रों को अवैध(रद्द) घोषित किया जाना चुनाव की वैधता पर सवाल उठाता है। उधमसिंह नगर भोलाभोज पंचायत में पहले मतगणना में कांग्रेस प्रत्याशी को विजयी घोषित कर दिया गया और पुर्नमतगणना में यहंा भाजपा प्रत्याशी को विजयी घोषित किया गया। कई सीटों पर बहुत कम अन्तर से हार जीत हुई तो कई जीत हार का फैसला लाटरी से हुआ। चुनाव में फर्जी मतदान और पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर रहित मतदान पत्रों का मिलना भी इस शिकायत का आधार है। मतदान वाले दिन मतदाता सूचियों में गड़बड़ी का जो मामला सामने आया था उसके बाद अब मतगणना और अवैध मतपत्रों को लेकर उठाये जा रहे सवाल इस चुनाव की वैधता पर सवाल खड़ा करते है। दून के वार्ड नम्बर दो के परिणाम पर भी ऐसे ही सवाल उठाये जा रहे है। देखना यह है कि निर्वाचन आयोग अब इस पर क्या फैसला लेता है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि अगर आयोग उनकी बात नहीं सुनेगा तो वह कोर्ट का दरवाजा खटखटायेंगे।



