नए साल में राजधानी देहरादून समेत पूरे प्रदेश में भूमि के सर्किल रेट बढ़ना तय है। इस संबंध में जिलाधिकारियों ने वित्त विभाग को नई दरों को लेकर जो प्रस्ताव भेजे थे, सरकार ने उन पर मुहर लगा दी है। प्रस्ताव के मुताबिक, सरकार सर्किल रेट में औसतन पांच से 25 फीसदी की बढ़ोतरी कर सकती है। जनवरी में होने वाली कैबिनेट की बैठक में नए सर्किल रेट के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के आसार हैं। वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने प्रस्ताव को वित्त विभाग की मंजूरी दिए जाने की पुष्टि की है।नए साल में राजधानी देहरादून में जमीन खरीदना लोगों के लिए और मंहगा हो जाएगा. दरअसल, देहरादून के जिलाधिकारी की ओर से वित्त विभाग को 25 फीसदी सर्किल रेट बढाए जाने का प्रस्ताव भेजा गया है, जिससे उम्मीद की जा रही है कि नए साल में जमीनों के रेट बढ़ सकते हैं. वित्त विभाग इस प्रस्ताव पर अमल कर लेता है तो सर्किट रेट बढ़ने तय माने जा रहे हैं. ऐसे में नए साल पर राजधानी में जमीन खरीदने का सपना देख रहे लोगों को जेब ढीली करनी पड़ सकती है.
पर्वतीय जनपदों की अपेक्षा मैदानी क्षेत्रों में सर्किल रेट अधिक होने की संभावना है। देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी और ऊधमसिंह नगर जनपदों के उन पॉश इलाकों में सर्किल रेट में सीमित वृद्धि हो सकती है, जहां पहले से ही दरें अधिक हैं। लेकिन शहरों में शामिल हुए नए ग्रामीण क्षेत्रों और अर्द्ध शहरी इलाकों में सर्किल रेट की दरें पांच फीसदी से लेकर 25 फीसदी तक बढ़ाई जा सकती है। प्रदेश में पिछले करीब दो वर्ष से भूमि के सर्किल रेट संशोधित नहीं हुए हैं। पिछली सरकार में दरें घोषित करने की तैयारी थी, लेकिन विधानसभा चुनाव के चलते सर्किल रेट घोषित नहीं हुए थे। नई सरकार ने सत्ता संभालने के बाद ही सर्किल रेट निर्धारित करने की कवायद आरंभ कर दी थी।



